तबादला तो कर दिया पर जॉइनिंग कैसे हो : हाई कोर्ट

जस्टिस सिन्हा ने जमकर खींचाई की शिक्षा विभाग की
तबादला तो कर दिया पर जॉइनिंग कैसे हो : हाई कोर्ट
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जीतेन्द्र सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : शिक्षा महकमा में एक हाथ को दूसरे हाथ की खबर नहीं होती है। इसी तरह के एक मामले में हाईकोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने शिक्षा विभाग की जमकर खींचाई की है। करीब पांच साल तक आरजू मिन्नत करने के बाद ग्रुप डी के कर्मचारी का ऐसे स्कूल में तबादला कर दिया है जहां पद ही खाली नहीं है। अब उसके सामने समस्या है की ज्वायनिंग कैसे करे।

एडवोकेट आशीष कुमार चौधरी ने यह जानकारी देते हुए बताया की बीरभूम के पार्थ सारथी दलुई को एक स्कूल में 2013 में ग्रुप डी पद पर नौकरी मिली थी। उसका स्कूल उसके घर से करीब सौ किलोमीटर दूर है पर इसके बावजूद व नौकरी कर रहा था। अचानक 2020 में उसकी तबीयत खराब हो गई और जांच के बाद पता चला कि वह किडनी का मरीज है। उसकी पत्नी भी बीमार है। करीब पांच साल तक शिक्षा विभाग के आला अफसरों से आरजू मिन्नत करता रहा कि उसका तबादला उसके घर के पास ही किसी स्कूल में कर दिया जाए। उसकी आरजू मंजूर तो हुई लेकिन एक ऐसे स्कूल में तबादला कर दिया जहां ग्रुप डी का पद ही खाली नहीं है। इस वजह से वह स्कूल में ज्वाइन नहीं कर पाया। इसके बाद उसने डीआई से लेकर एसएससी के अध्यक्ष तक से इस मामले में अपील की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। शिक्षा विभाग ने उसके सारे दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने के बाद उसका नए स्कूल में तबादला किया था।. इसके बाद उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी. जस्टिस सिन्हा ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए शिक्षा विभाग को जमकर फटकार लगाई। जस्टिस सिन्हा ने कहा कि इस तरह के अनिश्चय के माहौल में कोई नहीं रह सकता है। उसका तबादला तत्काल उसके घर के पास से किसी स्कूल में किया जाए।

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