कोर्ट के मुताबिक तलाकशुदा, पर बोर्ड मानता है ब्याहता

फूल हाउस रेंट अलाउंस के लिए याचिका
कोर्ट के मुताबिक तलाकशुदा, पर बोर्ड मानता है ब्याहता
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फूल हाउस रेंट अलाउंस के लिए याचिका

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : एक टीचर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उसने आरोप लगाया है की तलाकशुदा होने के बावजूद उसे फूल हाउस रेंट अलाउंस नहीं दिया जा रहा है। बोर्ड उसे अभी तक ब्याहता का मानने के सवाल पर अड़ा है। जस्टिस अमृता सिन्हा ने सोमवार को मामले की सुनवाई के बाद पेटीशनर को फुल हाउस रेंट अलाउंस दिए जाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही बकाए का भुगतान किए जाने का भी आदेश दिया है.

अन्वेषा मोदक ने यह याचिका दायर की है। उसने कहा है की 2009 में उसका ब्याह हुआ था और उसका एक 11 वर्षीय बेटा भी है। नदिया कोर्ट के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने 2017 में उसके पति की तरफ से दायर मामले की सुनवाई करते हुए उनके ब्याह को रद्द (डिजाल्व) कर दिया था। इसके बाद से वह अपने बच्चे के साथ अलग रह रही है। उसका पति से कोई संपर्क नहीं है। यह भी पता नहीं है कि वह कहां है और कहां रहता है। उसने इस ब्याह को रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की है और 2022 से यह मामला लंबित है। उसका पति भी एक स्कूल में टीचर था इसलिए दोनों को 50-50 फ़ीसदी हाउस रेंट अलाउंस मिला करता था। अब वह अलग रह रही है पूरा हाउस रेंट अलाउंस दिए जाने के लिए मामला दायर किया है। बोर्ड की दलील है कि उसने तलाक के मामले को खारिज करने के लिए डिवीजन बेंच में अपील दायर की है। अगर उसकी अपील सफल हो जाती है तो क्या होगा। पीटिशनर की दलील है कि जब इस मामले में कोई आदेश ही नहीं हुआ है तो उसे किस आधार पर आधार पूरा हाउस रेंट अलाउंस नहीं मिलेगा। जस्टिस सिन्हा ने इस पर अपनी सहमति जता दी।

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