

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : हाई कोर्ट के जस्टिस कृष्णा राव ने एलओसी खारिज करने से इनकार कर दिया। जस्टिस राव ने आशंका जतायी कि लोवर कोर्ट में जब इस मामले में अदालती कार्यवाही शुरू होगी तो पीटिशनर सम्मन पाने पर हाजिर रहेगा इसका कोई भरोसा नहीं है। पीटिशनर के खिलाफ एसएफआईओ ने मामला दायर किया है। उसे बांग्लादेश की फ्लाइट पकड़ने से रोक दिया गया था।
पीटिशनर देवांजन हाजरा की तरफ से दायर पीटिशन में कहा गया है कि वह पिछले साल दिसंबर में एनएससीबी एअरपोर्ट पर बांग्लादेश जाने के लिए गया तो उसे रोक दिया गया। इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे जाने की अनुमति नहीं दी। उसे इमिग्रेशन अधिकारियों से मिलने को कहा गया। पीटिशनर की याचिका के मुताबिक वह एक कंपनी में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत था। इसके बाद कई कंपनियों से होते हुए वह चाइना चला गया। इसके बाद वहीं ब्याह रचा कर बस गया। उसके माता पिता कोलकाता में ही रहते हैं और वह उनसे मिलने आया करता था। जिस कंपनी में वह कार्यरत था उसके खिलाफ मामला दायर किया गया है। इस घोटाले में इसके भागीदार होने का आरोप लगाया गया है। जस्टिस राव ने अपने फैसले में कहा है कि तथ्यों पर गौर करने के बाद यह खुलासा हुआ है कि पीटिशनर चाइना में बस गया है। जांच एजेंसी के सम्मन पर हाजिर नहीं हुआ है। इतना ही नहीं भारत आने के बावजूद वह जांच एजेंसी से मिलने नहीं गया था। अब वह बांग्लादेश होते हुए चाइना जा रहा था। जस्टिस राव ने कहा है कि इस बात का कोई भरोसा नहीं है कि अदालती कार्यवाही शुरू होने पर पीटिशनर अदालत में सम्मन पाने के बाद हाजिर होगा। लिहाजा अपील खारिज की जाती है।