मुख्यमंत्री के निर्देश के 24 घंटे में हरकत में स्वास्थ्य भवन

आशा कर्मी घर-घर जाकर डेंगू पीड़ितों की करेंगी पहचान
फाइल फोटो
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मधुर, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में डेंगू की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक के 24 घंटे के भीतर स्वास्थ्य भवन ने डेंगू की निगरानी और रोकथाम तेज करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बुधवार को जारी निर्देशिका में गांवों, शहरों और कस्बों में घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की पहचान करने, संदिग्ध मरीजों की रक्त जांच कराने और प्रभावित इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य भवन ने डेंगू के साथ ही बुखार से पीड़ित मरीजों की मलेरिया जांच कराने का भी निर्देश दिया है।

घर-घर जाकर होगी बुखार के मरीजों की पहचान

निर्देशिका के अनुसार आशा कर्मी घर-घर जाकर यह पता लगाएंगी कि किसी व्यक्ति को बुखार तो नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को 48 घंटे से अधिक समय से बुखार है, तो इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से एएनएम या मेडिकल ऑफिसर को देनी होगी। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त एलिसा जांच की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई है। यदि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में जांच की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो निजी लैब में मुफ्त या कम लागत पर डेंगू जांच की व्यवस्था करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद लेने का भी निर्देश दिया गया है।

15 अक्टूबर तक चलेगा व्यापक जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य भवन ने डेंगू के लक्षण वाले लोगों की रक्त जांच कराने के लिए 15 अक्टूबर तक व्यापक प्रचार अभियान चलाने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य भवन को प्रतिदिन यह रिपोर्ट भेजनी होगी कि कितने बुखार के मरीजों की पहचान हुई और उनमें से कितने लोगों की डेंगू जांच कराई गई। किसी क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने पर वहां ‘फीवर कैंप’ शुरू करने का निर्देश दिया गया है। जिला, ब्लॉक और नगरपालिका स्तर पर बुखार के प्रकोप वाले क्षेत्रों तथा संभावित ‘हॉटस्पॉट’ की पहचान कर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक संचालित किए जाएंगे।

डेंगू मरीजों की रिपोर्ट में प्लेटलेट का उल्लेख जरूरी

स्वास्थ्य भवन ने डेंगू मरीजों की जांच रिपोर्ट को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जांच के परिणाम जल्द से जल्द संबंधित स्वास्थ्यकर्मी को बताने होंगे। रक्त जांच रिपोर्ट में सीबीसी, पीसीवी और प्लेटलेट काउंट का उल्लेख होना चाहिए। यदि प्लेटलेट की संख्या 50 हजार से कम आती है, तो स्लाइड मेथड से इसकी दोबारा पुष्टि करने का निर्देश दिया गया है। यदि मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत महसूस होती है, तो उसे बिना देरी अस्पताल भेजने की व्यवस्था करनी होगी।

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