पुनर्वास के बिना हॉकर्स को न हटाया जाए : अधीर

रेल मंत्री को अधीर रंजन का पत्र, पुनर्वास की मांग
अधीर चौधरी
अधीर चौधरी
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कथित अवैध हॉकर्स के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य अधीर रंजन चौधरी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर हॉकर्स के पुनर्वास के बिना उन्हें हटाने की कार्रवाई रोकने की मांग की है।

अधीर रंजन चौधरी ने अपने पत्र में कहा कि मुर्शिदाबाद सहित राज्य के कई हिस्सों में रेलवे की जमीन पर हॉकिंग कई लोगों के लिए आजीविका का साधन है। उन्होंने तर्क दिया कि पश्चिम बंगाल जैसे घनी आबादी वाले राज्य में बड़ी संख्या में लोग इसी व्यवसाय पर निर्भर हैं, खासकर आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में।

उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक रोजगार या पुनर्वास की व्यवस्था किए हॉकर्स को हटाना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि अनैतिक भी है। अधीर ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि रेलवे की जमीन से किसी भी तरह की बेदखली से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की ठोस योजना बनाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से मुर्शिदाबाद का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की आर्थिक स्थिति कमजोर है और ऐसे में हॉकिंग कई परिवारों के लिए एकमात्र आय का स्रोत है।

इस कारण किसी भी कार्रवाई से पहले मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। अधीर रंजन चौधरी ने रेल मंत्रालय से इस मुद्दे पर संवेदनशील रुख अपनाने और हॉकर्स के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।'

'कई टीएमसी नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं'

अधीर रंजन ने तृणमूल कांग्रेस में कथित टूट और असंतोष को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी में लगातार टूट देखने को मिल रही है और कई विधायक, सांसद व पार्षद पार्टी छोड़ रहे हैं। अधीर ने दावा किया कि हाल ही में हुई बैठक में 80 में से केवल 20 विधायक ही शामिल हुए, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर दिखती है। उन्होंने यह भी कहा कि दो विधायकों के निष्कासन के बाद तृणमूल और कमजोर हुई है। अधीर के अनुसार, कई नेता कांग्रेस से संपर्क में हैं और तृणमूल का भविष्य संकट में है।

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