

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिण 24 परगना : सोनारपुर के एक अस्पताल में मानसिक रूप से बीमार और इलाजरत युवक के परिजनों को तलाश कर हैम रेडियो ने मानवता की मिसाल पेश की है। युवक का नाम मुकेश (22) है। वह गुजरात के दाहोद जिले का निवासी बताया जा रहा है। युवक मानसिक रूप से अस्थिर होने के कारण अपना सही नाम-पता नहीं बता पा रहा था, इसलिए उसे अस्पताल में अज्ञात मरीज के रूप में रखा गया। चूंकि यह एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, इसलिए उसकी स्थिति को लेकर सभी को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उससे कुछ भी पूछने पर वह जोर-जोर से हंसने लगता और कंबल से मुंह ढककर लेट जाता। प्रतीक्षा न करते हुए हैम रेडियो ने तीन दिनों तक उसकी तस्वीरें प्रसारित कीं। अंततः गुजरात और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित दाहोद जिले के उचमानिया गांव में उसके परिवार का पता चला। जानकारी मिली कि बचपन में ही उसकी मां दूसरी शादी कर उसे छोड़कर चली गई थी। उसके पिता ने भी दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद युवक अचानक मानसिक संतुलन खो बैठा। वह पिछले कई वर्षों से लापता था। आखिरकार उसका पता पश्चिम बंगाल के एक सरकारी प्राथमिक अस्पताल में चला। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए उन्हें यहां लाने की व्यवस्था की जा रही है। शीघ्र ही युवक को पश्चिम बंगाल से गुजरात ले जाया जाएगा।
हैम रेडियो, वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब का बयान
हैम रेडियो, वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब के सचिव अंबरीष नाग विश्वास ने कहा कि युवक सोनारपुर–नाटागाछी सड़क किनारे रात में घायल अवस्था में पड़ा मिला था। उसका दाहिना पैर दो टुकड़ों में बुरी तरह क्षतिग्रस्त था, जिससे वह दर्द से कराह रहा था। यह देख स्थानीय कालिकापुर नंबर 1 ग्राम पंचायत के उपप्रधान माधव मंडल ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे कालिकापुर प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भर्ती करवाया। फिलहाल युवक वहीं इलाजरत है। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल के डॉक्टर सुमन माइती और कर्मचारी अरूप दास ने इस संबंध में हैम रेडियो को जानकारी दी। इसके बाद युवक के परिजनों को तलाश करना संभव हो पाया। युवक बहुत जल्द अपने परिवार के पास लौटेगा।