दिल्ली में वाम दलों और TMC की बढ़ती नजदीकी!

राज्य माकपा इकाई में असहजता
Kolkata
केरल से जुड़े माकपा नेता तृणमूल के नजदीक
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में माकपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच संभावित नजदीकी को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। दिल्ली में केरल से जुड़े माकपा नेताओं और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों डेरेक ओ'ब्रायन तथा महुआ मोइत्रा के बीच संपर्क को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हुई हैं।

दावा किया गया है कि इस घटनाक्रम की जानकारी पश्चिम बंगाल में पार्टी नेतृत्व को पहले से नहीं थी, जिससे अलीमुद्दीन स्ट्रीट स्थित राज्य इकाई में असहज है। पश्चिम बंगाल में माकपा लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस की विरोधी रही है।

ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता और राज्य में तृणमूल के विरोध की राजनीति के बीच संतुलन बनाना पार्टी के लिए अहम मुद्दा बन गया है। हालांकि, दिल्ली में संपर्क बढ़ने की खबरों को बंगाल में औपचारिक गठबंधन का फैसला नहीं माना जा सकता।

दिल्ली में डेरेक ओ'ब्रायन और महुआ मोइत्रा से संपर्क की चर्चा

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में केरल के नेताओं के करीबी माकपा नेताओं और तृणमूल कांग्रेस के संसदीय नेतृत्व के कुछ सदस्यों के बीच संपर्क को लेकर चर्चा है। इस घटनाक्रम को विपक्षी INDIA गठबंधन के भीतर संभावित नए राजनीतिक समीकरण के संदर्भ में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल के माकपा नेताओं से पहले चर्चा किए बिना पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर कुछ पहल की गईं। इसी संदर्भ में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को माकपा महासचिव एम. ए. बेबी की ओर से लिखे गए पत्र का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन संपर्कों से बंगाल में दोनों दलों के बीच गठबंधन तय होने की पुष्टि नहीं होती।

तृणमूल के साथ समझौते पर बंगाल CPM को ऐतराज

जानकारी के अनुसार, माकपा की हालिया पोलित ब्यूरो बैठक में बंगाल के नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस के साथ संभावित समझौते को लेकर आपत्ति जताई। राज्य इकाई के नेताओं की चिंता है कि जिस पार्टी के खिलाफ वाम दल लंबे समय से भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाकर आंदोलन करते रहे हैं, उसके साथ नजदीकी बढ़ाने से जनता के बीच पार्टी की राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

बंगाल के माकपा नेताओं को यह भी आशंका है कि तृणमूल के साथ किसी तरह की राजनीतिक समझ बढ़ने से पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख है कि तृणमूल को वाम दलों की राजनीतिक छवि का लाभ मिलने की आशंका जताई जा रही है। ये चिंताएं रिपोर्ट में सामने आए पार्टी के भीतर के मतभेदों को दर्शाती हैं।

सुजन चक्रवर्ती ने बंगाल में गठबंधन की संभावना से किया इनकार

इस पूरे मामले पर माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने पार्टी की राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के रुख में अंतर स्पष्ट किया। उनके हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को हराने के उद्देश्य से INDIA गठबंधन में तृणमूल कांग्रेस के साथ रहने और पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच गठबंधन करने को अलग-अलग रूप में देखा जाना चाहिए।

चक्रवर्ती के अनुसार, बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन का कोई सवाल नहीं है। उनका यह बयान राज्य में माकपा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को स्पष्ट करता है। फिलहाल दिल्ली में नेताओं के बीच संपर्क और राष्ट्रीय विपक्षी राजनीति में संभावित तालमेल की चर्चा के बावजूद, पश्चिम बंगाल में माकपा और तृणमूल के बीच औपचारिक गठबंधन की पुष्टि नहीं हुई है।

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