फर्जी कॉल सेंटर से गिरफ्तार अभियुक्तों के साथ ओसी नारकेलडांगा शुभंकर सरकार
कोलकाता सिटी
गरीबों के नाम पर लिए गए फर्जी सिम कार्ड से देश भर में करते थे साइबर ठगी
नारकेलडांगा थाना की पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार
ईको पार्क में अवैध कॉल सेंटर के जरिए तेलंगाना के लोगों से करते थे ठगी
दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
कोलकाता पुलिस की नारकेलडांगा थाना पुलिस और साइबर सेल (ईएसडी) की संयुक्त टीम ने फर्जी सिम कार्ड के जरिए देशभर में करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड से जुड़े एजेंटों और फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले 7 युवाओं समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के नाम तौसीफ आलम, मंजूर आलम, जियाउल रहमान मो.मोइनुद्दीन,वन्नापुरम श्रीराम, राठौड़ महेश, कालथी चरण पांडु, उदय कुमार, कात्रावथ अनिल, एम. नरेश और राठौड़ अरुण हैं।
तौसीफ टेलीकॉम से जुड़ा फर्जी सिम का तार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, साइबर सेल की जांच में खुलासा हुआ था कि नारकेलडांगा स्थित ''''तौसीफ टेलीकॉम'''' से फर्जी दस्तावेजों के जरिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी किए जा रहे थे, जिनका इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में साइबर अपराधों के लिए किया जा रहा था। सबसे पहले पुलिस ने 17 सितंबर की रात अम्हर्स्ट स्ट्रीट इलाके से तौसीफ टेलीकॉम के एजेंट तौसीफ आलम (22) को गिरफ्तार किया। तौसीफ से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 18 सितंबर को मंजूर आलम (42) और 21 सितंबर को जियाउल रहमान को गिरफ्तार किया। ये आरोपी गरीब व जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर सिम कार्ड निकलवाते थे।
ईको पार्क स्थित फ्लैट में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मो. मोइनुद्दीन (35) नामक आरोपी को पकड़ा। मोइनुद्दीन ने खुलासा किया कि वह खुद के नाम पर लिए गए फर्जी सिम कार्ड खरीदकर गिरोह के मुख्य सरगना ''''सुंदर उर्फ अली'''' को सप्लाई करता था। मोइनुद्दीन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ईको पार्क थाना क्षेत्र के हाथियारा शरीफ स्थित एक फ्लैट में छापेमारी की। वहां से पुलिस ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के रहने वाले 7 युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
वॉट्सएप और सोशल मीडिया से फंसाते थे शिकार
ये आरोपी फ्लैट से फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, आम लोगों के नाम और मोबाइल नंबरों वाली लॉग बुक और ठगी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए हैं। आरोपी वॉट्सएप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को आर्थिक लाभ का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते थे। फिलहाल पुलिस अभियुक्तों से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

