224वें आचार्य श्री भिक्षु चरमोत्सव के प्रसंग पर "भज मन भिक्षु स्वाम" भव्य धम्म जागरण का सफल आयोजन

224वें आचार्य श्री भिक्षु चरमोत्सव के प्रसंग पर "भज मन भिक्षु स्वाम" भव्य धम्म जागरण का सफल आयोजन
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सन्मार्ग संवाददाता

काेलकाता : युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री जिनेश कुमार जी ठाणा-३ के सान्निध्य में २२४ वें आचार्य श्री भिक्षु चरमोत्सव के प्रसंग पर "भज मन भिक्षु स्वाम" भव्य धम्म जागरण का आयोजन उत्तर हावड़ा श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा एवं तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा योगक्षेम विहार के योगक्षेम सभागार में आयोजित किया गया। मुख्य संगायक देवेन्द्र बेगानी (कोलकाता) थे।

इस अवसर पर उपस्थित धर्मसभा को आशीर्वचन प्रदान करते हुए मुनि श्री जिनेश कुमार जी ने कहा— जैनधर्म का एक धार्मिक संगठन तेरापंथ है। तेरापंथ के प्राण देवता आचार्य भिक्षु हुए। वे विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। वे श्रमण संघ के त्राता व रक्षक थे। वे पुरुषार्थ के प्रदीप व जागरूकता के प्रहरी थे। वे अखंड पुण्यों के पुंज थे। उन्होंने जीवन में कष्ट झेले पर वे साधना में हमेशा अडिग रहे। वे सत्य पथ पर अडिग रहे। आज उनका नाम मंत्र बन चुका है लाखों लोग उनके नाम का जप व स्मरण करते हैं। उनका नाम विघ्न विनाशक व संकट मोचक बन हुआ है। आज भाद्रपद शुक्ला त्रयोदशी उनका २२४ वां चरमोत्सव मना रहे हैं। भिक्षु स्वामी के प्रति श्रद्धा रखते हुए उनका स्मरण करें। मुनिश्री जिनेश कुमार जी ने अनेक गीतों का संगान कर धर्मसभा को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। भव्य धम्म जागरण के आयोजन के लिए सभा, तेयुप को साधुवाद प्रदान किया। इस अवसर पर मुनि कुणाल कुमार जी ने सुमधुर गीत का संगान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ कन्या मंडल उत्तर हावड़ा के मंगलाचरण से हुआ। इस अवसर पर जैन कार्यवाहिनी, तेरापंथ सभा, तेयुप, टी.पी.एफ. के सदस्यों ने समूह गीत का संगान किया।

सुमधुर संगायन देवेन्द्र बेगानी के सुमधुर भजनों के संगान से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर राजेन्द्र कोठारी, डा. अरिहंत सिंघी, सुरेन्द्र बोथरा, भिक्षु भजन मंडली, दक्षिण हावड़ा तेयुप के सदस्यों ने समूह एवं एकल गीत का संगान कर धम्मजागरण में चार-चाँद लगा दिये। बुद्धमल लुणिया ने मुख्य संगायकों का परिचय दिया। संस्था द्वारा उनका सम्मान किया गया। आभार ज्ञापन तेयुप के मंत्री विनीत भंसाली ने किया व संचालन मुनि परमानंद जी ने किया। कार्यक्रम में अच्छी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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