

कोलकाता : संत-गुरु की कृपा से मनुष्य मोह और भ्रम से मुक्त होकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का अनुभव कर सकता है। जीवन में भजन-कीर्तन को अपनाना प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है। यह विचार आचार्य श्रीकांत शर्मा ‘बालव्यास’ ने राजस्थान गौ कल्याण ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए।
कथा प्रसंग के दौरान नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पूरा कथा परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन समिति के राहुल दीवान ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन सुरभि सदन गौशाला के निर्माण, विकास एवं संचालन के उद्देश्य से किया गया है।
आयोजन को सफल बनाने में ट्रस्टी मुरारीलाल दीवान, बालकिशन बालासरिया, बनवारीलाल सोती, सत्यनारायण देवरालिया, बृजमोहन गाड़ोदिया, विश्वनाथ सेकसरिया, प्रेमचंद ढांढनिया, राजेश मित्तल, कृष्ण कुमार छापड़िया, राजेन्द्र प्रसाद बुबना, बालकिसन नेवटिया और अरुण केडिया सहित अन्य सदस्यों का सक्रिय योगदान रहा।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक विवेक गुप्त, घनश्याम शोभासरिया,सतीश झुनझुनवाला,सुभाष बालासरिया,पवन माधोगढढ़िया,महावीर प्रसाद रावत,राम कथावाचक पुरुषोत्तम तिवारी अविनाश गुप्ता,विष्णु फोगला,अरुण केजरीवाल,मोहन केडिया,महावीर सांवरिया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन संजय मस्करा ने किया।