भक्तों को दर्शन देने के लिए भगवान लेते हैं अवतार : गोविंददेव गिरिजी

गोविंददेव गिरिजी महाराज ने कपिल अवतार, जड़ भरत चरित्र और अजामिल आख्यान का वर्णन किया
Kolkata
गोविंददेव गिरिजी
Published on: 

कोलकाता : गंगासागर धाम भवन निर्माण प्रकल्प के लिए श्री दाधीच परिषद (कोलकाता) की ओर से वीआईपी रोड, गोलाघाटा स्थित डीवीनीटी पैवेलियन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को राष्ट्रीय संत स्वामी गोविंददेव गिरिजी महाराज ने कपिल अवतार, जड़ भरत चरित्र और अजामिल आख्यान का वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि भगवान दुष्टों के संहार के लिए नहीं, बल्कि भक्तों को दर्शन देने के लिए अवतार लेते हैं। रावण और कंस का वध किसी अन्य के माध्यम से भी संभव था, लेकिन मीराबाई और शबरी को दर्शन देने के लिए प्रभु स्वयं आए।

कार्यक्रम में गोविंद शारदा, जुगल कोटरीवाल, शिवरतन मोहता, राजेश सोमानी, मदनलाल ईनाणिया, पंकज जोशी व कन्हैयालाल बेरीवाल समेत कई जाने माने लोग बतौर अतिथि उपस्थित थे।

गोपी कृष्ण दाधीच, सुरेश ईनाणिया, पंकज शर्मा, अनुराग शर्मा, संदीप ईनाणिया, राहुल शर्मा, पंडित गिरधर शर्मा, अलका काकड़ा, रेणु मिश्रा, संतोष ईनाणिया, हरीश तिवाड़ी व अभिलाष तिवाड़ी और पिंकी शर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in