

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विश्वभर में आध्यात्मिक एकता का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला, जब 108 देशों के लाखों लोगों ने एक साथ नवकार महामंत्र का जाप किया। “वन वर्ल्ड, वन चैंट – टुगेदर फॉर पीस” के संदेश के साथ आयोजित इस पहल का उद्देश्य विश्व शांति और सामूहिक चेतना को बढ़ावा देना था।
यह विशेष आयोजन मानव सेवा के 90 वर्षों के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें शिक्षा, सेवा और ध्यान के सिद्धांतों को केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम के दौरान 100 से अधिक जैन धार्मिक अनुष्ठान किए गए, जो आत्मिक जागरण, वैश्विक सद्भाव और मानव कल्याण को समर्पित थे।
इस महामंत्र जाप का सीधा प्रसारण दुनिया भर के 6000 से अधिक मंदिरों, उपाश्रयों और आध्यात्मिक केंद्रों में किया गया, जिससे विभिन्न देशों के लोग एक ही समय पर जुड़कर इस आध्यात्मिक अनुभव का हिस्सा बन सके।
कोलकाता में यह कार्यक्रम SPK Jain Futuristic Academy में आयोजित हुआ, जो Shree Shwetambar Sthanakvasi Jain Sabha की एक इकाई है। यहां छात्रों, शिक्षकों और जैन समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खासतौर पर युवाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया, जो एक शांतिपूर्ण भविष्य की उम्मीद का प्रतीक है।
इस कार्यक्रम के आयोजन और समन्वय में जैन सभा के कई प्रमुख सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई, जिनमें जयदीप पटवा, ऋषि बुचा, त्रिशला भंसाली और सोनल चोरारिया शामिल हैं।
इस मौके पर जयदीप पटवा ने कहा, “यह सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शांति, सह-अस्तित्व और एकता को बढ़ावा देने वाला एक वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन है। दुनिया भर के लाखों लोगों को एक साथ नवकार महामंत्र का जाप करते देखना बेहद भावुक और प्रेरणादायक था।”
कार्यक्रम के अंत में सभी ने अहिंसा, एकता और मानव सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन एक ऐसा संदेश देकर समाप्त हुआ, जो भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सीमाओं से परे जाकर पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव की राह दिखाता है।