गंगासागर मेला में आकर्षण का केंद्र बनेगी तीन दिवसीय सागर आरती

सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो
Published on

रामबालक , सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : गंगासागर मेला में इस वर्ष श्रद्धा और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से तीर्थयात्रियों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सागर के पुण्य तट पर विशेष सागर आरती का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन 11 से 13 जनवरी तक प्रतिदिन सागर संगम पर संपन्न होगा और मेला का प्रमुख आकर्षण बनेगा। सागर आरती का आयोजन ढाक की गूंजती थाप, शंख ध्वनि और पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया जाएगा। आरती की पुण्य अग्नि शिखा जब सागर तट पर प्रज्ज्वलित होगी, तो वहां उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के हृदय आस्था और पवित्रता के भाव से आलोकित हो उठेंगे। इस दौरान पूरा सागर मेला परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आएगा। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि सागर आरती का आयोजन बनारस के तर्ज पर किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सागर में आस्था की डुबकी लगाने वाले तीर्थयात्रियों को एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे स्नान के साथ-साथ सागर आरती का भी दिव्य आनंद ले सकें। इस विशेष कार्यक्रम में कपिल मुनि मंदिर के महंत ज्ञान दास महाराज, उनके उत्तराधिकारी संजय दास महाराज सहित अन्य साधु-संत उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जिला अधिकारी भी इस आयोजन में शामिल होंगे। यहां उल्लेखनीय है कि सागर आरती का आयोजन पहली बार जिला शासक डॉ पी उलगानाथन ने किया था।

वेब टेलीकास्ट की सुविधा

जिला प्रशासन ने सागर आरती को केवल गंगासागर तक सीमित नहीं रखते हुए इसकी वेब टेलीकास्ट की भी व्यवस्था की है। इसके माध्यम से देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी इस पावन सागर आरती के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह पहल वैश्विक स्तर पर गंगासागर मेला की आध्यात्मिक पहचान को और सशक्त बनाएगी।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in