अत्याधुनिक ड्रोन एक किमी तक निगरानी रख सकेगा

8 जनवरी से गंगासागर मेला का होगा आगाज एक किमी तक काम कर सकता है
वॉटर ड्रोन
वॉटर ड्रोन
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन गंगासागर मेला 2026 के दौरान बचाव अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए रिमोट-नियंत्रित लाइफबॉय, जिसे वॉटर ड्रोन भी कहा जाता है, तैनात करने जा रहा है। गंगासागर मेला 8 जनवरी से शुरू हो रहा है। वॉटर ड्रोन एक स्वचालित तैरने वाला उपकरण है, जो पानी में संकट में फंसे व्यक्ति की पहचान कर GPS नेविगेशन सिस्टम की मदद से तेजी से उसके पास पहुंचता है। प्रशासन के अनुसार, गंगासागर मेले में पहली बार इस तरह के अत्याधुनिक उपकरण को बचाव कार्यों के लिए तैयार रखा गया है। इसके उपयोग से पहले नियमित अभ्यास (ड्रिल) भी किए जा रहे हैं। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह वॉटर ड्रोन लगभग एक किलोमीटर की रेंज में काम कर सकता है और इसकी अधिकतम गति 7 मीटर प्रति सेकेंड है। इसकी तेज रफ्तार के कारण यह किसी तैराक की तुलना में कहीं अधिक तेजी से पानी में फंसे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रोन की टोइंग क्षमता भी काफी अधिक है। यह पानी में लगभग 1,000 किलोग्राम तक वजन खींच सकता है, जिससे आपात स्थिति में एक से अधिक लोगों या लाइफ राफ्ट को सुरक्षित स्थान तक लाने में मदद मिल सकती है। इस उपकरण की एक खास विशेषता इसका ऑटो-राइटिंग सिस्टम है। यदि यह ड्रोन पानी में पलट भी जाता है, तो मात्र दो सेकंड के भीतर खुद को फिर से सीधा कर लेता है, जिससे खराब मौसम या उथले पानी में भी इसका संचालन बाधित नहीं होता। ड्रोन के साथ एक उन्नत रिमोट कंट्रोलर दिया गया है, जिसमें ऑनबोर्ड कैमरे से मिलने वाला 1080p एचडी वीडियो स्क्रीन पर दिखाई देता है। इससे बचावकर्मियों को सटीक दिशा-निर्देशन में मदद मिलती है। जीपीएस से लैस यह ड्रोन सिग्नल टूटने या बैटरी 15 प्रतिशत से कम होने की स्थिति में स्वतः अपने लॉन्च प्वाइंट पर लौट आता है।


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