कोलकाता : उत्तर कोलकाता के व्यस्त राजाबाजार चौराहे पर सोमवार की सुबह दिनदहाड़े एक फल विक्रेता की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावर ने चेहरे पर तौलिया बांध रखा था और धारदार चाकू से विक्रेता की गर्दन पर कई वार किए। घटना के समय विक्रेता का किशोर बेटा उसके साथ था, जो सदमे में आकर हत्यारे का पीछा नहीं कर सका। घायल पिता को बेटे ने साइकिल वैन पर लादकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन ज्यादा खून बहने से उनकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान नारकेलडांगा के डॉ. एमएन चटर्जी रोड निवासी महबूब आलम (41) के रूप में हुई है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले महबूब अपनी पत्नी और तीन बेटों के साथ कोलकाता में रहते थे। करीब दस साल से वे मुख्य रूप से राजाबाजार में फल बेचते थे और कभी-कभी कपड़े भी। उनके दो बड़े बेटे उस दिन स्कूल गए हुए थे, जबकि सबसे छोटा बेटा उनके साथ था।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 8:45 बजे की है। महबूब आलम फल से भरी साइकिल वैन लेकर चौराहे पर पहुंचे थे और दुकान लगाने से पहले मोबाइल पर बात कर रहे थे। पुलिस को इलाके के सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि हमलावर केशव चंद्र स्ट्रीट की ओर से फुटपाथ के रास्ते आया। उसने चेहरा छिपाने के लिए तौलिया बांध रखा था और खुली जैकेट-पैंट पहने था। फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर फुटपाथ से नीचे उतरा और सीधे महबूब की गर्दन के दाहिने हिस्से पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया। पीड़ित की गर्दन पर कई गहरे घाव थे। कुछ ही सेकंड में हमलावर धारदार हथियार लेकर एपीसी रोड होते हुए मानिकतल्ला की ओर पैदल भाग निकला। हमले के बाद महबूब खून से लथपथ सड़क पर बैठ गए और रोने लगे। एपीसी रोड खून से सन गया। मृतक का किशोर बेटा इतने सदमे में था कि हत्यारे का पीछा नहीं कर सका। बाद में एक दूसरी साइकिल वैन की मदद से बेटे ने पिता को सियालदह फ्लाईओवर होते हुए एनआरएस अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सामान से भरी वैन मौके पर ही रह गई। खबर मिलते ही अमहर्स्ट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच से लगता है कि हत्यारा महबूब को अच्छी तरह जानता था। उसे पता था कि महबूब दुकान कब लगाते हैं और उस दिन फिर फल खरीदने जाना था। पहचान छिपाने के लिए ही चेहरे पर तौलिया बांधा गया था। पुलिस कई कोणों से जांच कर रही है। इनमें केलाबागान में फल लाने की जगह पर पैसे के लेन-देन को लेकर झगड़ा, दुकान की जगह पर विवाद या फिर उधार के पैसों को दूसरे बिजनेस में लगाने को लेकर कोई रंजिश हो सकती है। एक सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस इस दिशा में भी पड़ताल कर रही है। महबूब के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। इलाके की सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं ताकि हमलावर की पहचान हो सके और उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके।