

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : रास्ते की कठिनाई
इच्छाएं अनंत है,
ख्वाहिशों का
न कोई अंत है।
समय सीमित है
संसाधनों की भी
अपनी सीमा है।
आज जो है
वह पर्याप्त है,
संतुष्टि में
रब का साथ है।
कल की चिंता कैसी?
मेहनत पसीने से
मिल जाए जब जैसी।
रास्ते में जब कठिनाई आए
समझ लें,
हमने सही राह है अपनाये।
कोशिशें की
ना हो कभी अंत,
सफलता जीवन में
मिलेगी अनंत।
विपिन...