

कोलकाता: पूर्वी कोलकाता के नार्केलडांगा इलाके में फर्जी बिजली बिल तैयार कर एक बुजुर्ग व्यवसायी से करीब 18 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। नार्केलडांगा थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद अरशद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी शहर से फरार होने की तैयारी में था।
पुलिस के मुताबिक, कैनाल ईस्ट रोड निवासी बुजुर्ग व्यवसायी मोहम्मद नसीम अंसारी उम्र और अस्वस्थता के कारण नियमित रूप से बाहर आने-जाने में असमर्थ थे। उनके घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान में कुल पांच बिजली मीटर हैं। बिजली बिल जमा करने की जिम्मेदारी पास में एसटीडी बूथ चलाने वाले अरशद को दी गई थी। व्यवसायी के कर्मचारी बिल अरशद की दुकान में रखे एक बॉक्स में डाल देते थे। अरशद बिल जमा करने के बाद रसीद दिखाकर उनसे नकद राशि लेता था।
पुलिस की जांच में आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर अरशद ने कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर की मदद से असली बिजली बिलों में छेड़छाड़ शुरू कर दी। वह बिल स्कैन करने के बाद उनकी रकम बढ़ाकर रंगीन प्रिंट निकालता था। मसलन, 3,638 रुपये के बिल को 23,630 रुपये और 2,723 रुपये के बिल को 12,720 रुपये का बना दिया गया। इसी तरह 5,693 रुपये के बिल को 25,630 रुपये दर्शाया गया।
आरोपी कथित तौर पर अधिक रकम वाले बिल देखकर बुजुर्ग के सामने बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराता और सहानुभूति जताता था, जिससे उन पर संदेह नहीं हुआ।
हाल में बिलों की रकम असामान्य रूप से बढ़ने पर परिजनों को शक हुआ। उन्होंने बिजली कंपनी के कार्यालय में पुराने रिकॉर्ड से बिलों का मिलान कराया, तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। परिजनों ने दावा किया कि यह ठगी करीब आठ वर्षों से जारी थी।
शिकायत के बाद पुलिस ने अरशद को गिरफ्तार कर लिया। अब जांच इस बात की जा रही है कि उसने अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है या नहीं।