सालबनी जमीन घोटाला: अभिषेक के पूर्व सुरक्षाकर्मियों के बयान बने सीआईडी की चार्जशीट का आधार

शरणार्थियों की जमीन पर अवैध कब्जे और करोड़ों के लेनदेन का आरोप,
फाइल फोटो
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20 गवाहों के बयानों पर जांच एजेंसी का जोर

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सालबनी जमीन घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित राय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राज्य पुलिस की सीआईडी ने 2 सितंबर को अदालत में दाखिल अपनी चार्जशीट में भूमि घोटाले से जुड़े कई गंभीर आरोपों का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, शरणार्थियों के लिए आवंटित सरकारी कृषि भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर उसे हड़पने की साजिश रची गई थी और सुमित रॉय को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार बताया गया है।

20 गवाहों के बयान जांच का अहम आधार

सीआईडी ने चार्जशीट में कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें स्थानीय निवासी, व्यापारी, दो पूर्व सुरक्षाकर्मी और अभिषेक बनर्जी के दो वाहन चालक शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी के पूर्व सुरक्षाकर्मियों ने अपने बयानों में दावा किया है कि सालबनी में शरणार्थियों की कृषि भूमि पर पूर्व विधायक सुजय हाजरा, अनितेश पाइरा और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर सुमित रॉय के निर्देश पर कब्जा किया।

जमीन के बदले रकम पहुंचाने का आरोप

चार्जशीट में सीआईडी ने आरोप लगाया है कि जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा सुजय हाजरा द्वारा सुमित राय के कार्यालय तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, मध्यस्थ देवाशीष दे, सुब्रत हाजरा और सैयदपुर गांव के कुछ निवासियों के बयानों से भी कथित वित्तीय लेनदेन की पुष्टि होती है।

डर के कारण ग्रामीणों के चुप रहने का दावा

जांच के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने कथित तौर पर सीआईडी को बताया कि दबाव और भय के कारण वे लंबे समय तक इस मामले में खुलकर सामने नहीं आ सके। जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि 2021 के बाद कई स्थानीय किसानों को कथित रूप से बलपूर्वक उनकी जमीन से बेदखल किया गया। वहीं, भूमि संबंधी दस्तावेजों में दर्ज कई विक्रेताओं के नाम और पते जांच में कथित तौर पर फर्जी पाए गए।

बैंक खाते में 7 करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच

सीआईडी की जांच में सुमित राय के एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक खाते में वर्ष 2018 से 2021 के बीच करीब 7 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन का पता चलने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के दौरान सुमित राय इन लेनदेन के वैध स्रोत की संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके।

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