आईआईटी खड़गपुर के पूर्व प्रोफेसर से 2 करोड़ की ठगी

ऑनलाइन क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर की गयी ठगी
फाइल फोटो
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विधाननगर / कोलकाता: ऑनलाइन क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में उच्च रिटर्न के लालच में सॉल्ट लेक के एक वरिष्ठ निवासी और आईआईटी खड़गपुर के पूर्व प्रोफेसर कथित रूप से 2 करोड़ रुपये से अधिक गंवा बैठे। वर्तमान में हरियाणा की एक विश्वविद्यालय से जुड़े पीड़ित ने शनिवार को विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस बड़े निवेश फ्रॉड की जांच शुरू कर दी है।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के झांसे में फंसे प्रोफेसर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 65 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर 9 जनवरी से 21 जनवरी के बीच इस ऑनलाइन ट्रेडिंग योजना का शिकार बने। योजना में तीन और पांच दिन की “ट्रेडिंग साइकिल” में असामान्य रूप से उच्च रिटर्न का वादा किया गया था। आरोपियों ने प्रति साइकिल लगभग 30% मुनाफे का दावा किया।

फ्रॉड करने वालों ने उन्हें नकली ट्रेडिंग इंटरफेस पर तेजी से बढ़ती निवेश राशि दिखाई। प्रोफेसर इस दिखाए गए लाभ को देखकर लगातार बड़ी रकम निवेश करते रहे।

निकासी में अड़चन और ठगी का अहसास

जब प्रोफेसर ने निवेश की निकासी की कोशिश की, तो आरोपियों ने “विदड्रॉल शुल्क”, “अकाउंट वेरिफिकेशन शुल्क” और “रिस्क मार्जिन शुल्क” जैसी लगातार नई मांगें शुरू कर दीं। कई भुगतान करने के बावजूद पैसा कभी रिलीज़ नहीं हुआ।

ठगी का एहसास होने पर प्रोफेसर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट्स, बैंक लेन-देन और संबंधित खातों की जांच कर आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

जांचकर्ताओं ने कहा कि यह तरीका हाल के निवेश फ्रॉड की तरह सामान्य है, जिसमें शुरुआत में छोटे लाभ दिखाकर शिकार का भरोसा जीत लिया जाता है और बाद में भारी निवेश करवा कर निकासी रोकी जाती है।

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