कोलकाता में पहली बार रोबोटिक आंशिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी

VELYS रोबोटिक सिस्टम से हुआ सफल ऑपरेशन
सांकेतिक चित्र
सांकेतिक चित्र
Published on

कोलकाता : महानगर के चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। कोलकाता में पहली बार VELYS रोबोटिक सिस्टम की सहायता से रोबोटिक आंशिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की गई। यह अत्याधुनिक सर्जरी मणिपाल हॉस्पिटल, ब्रॉडवे में संपन्न हुई, जिसका नेतृत्व कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. तन्मय करमाकर ने किया। जानकारी के मुताबिक 62 वर्षीय मरीज लंबे समय से घुटने में तेज दर्द, सूजन और चलने-फिरने में गंभीर परेशानी से जूझ रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि वह मेडियल कम्पार्टमेंट ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित हैं। इस बीमारी में घुटने के अंदरूनी हिस्से का जोड़ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या अक्सर पुराने घाव, अत्यधिक वजन उठाने, बार-बार झुकने के कारण होती है। डॉ. तन्मय करमाकर ने बताया कि मरीज के घुटने का केवल एक हिस्सा ही प्रभावित था ऐसे में उसे टोटल नी रिप्लेसमेंट की आवश्यकता नहीं थी।

ऐसे में केवल क्षतिग्रस्त हिस्से का आंशिक घुटना प्रत्यारोपण किया गया। इस सर्जरी में VELYS रोबोटिक सिस्टम और AI-सक्षम सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया, जिससे इम्प्लांट को अत्यंत सटीकता के साथ स्थापित किया गया। इससे न केवल इम्प्लांट की उम्र बढ़ती है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया मिनिमली इनवेसिव होती है, यानी इसमें कट छोटा होता है, रक्तस्राव कम होता है और मरीज की रिकवरी अपेक्षाकृत तेज होती है। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में मरीज जल्द ही सामान्य गतिविधियों में लौट सकता है। आंशिक घुटना प्रत्यारोपण का एक बड़ा लाभ यह है कि इसमें घुटने के स्वस्थ हिस्से को सुरक्षित रखा जाता है। सर्जरी के बाद मरीजों पर गतिविधियों को लेकर कोई सख्त प्रतिबंध नहीं होता। वे आराम से क्रॉस-लेग्ड बैठना, स्क्वॉट करना और सीढ़ियां चढ़ना जैसी दैनिक गतिविधियां कर सकते हैं।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in