

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस पर अधिकार को लेकर जारी राजनीतिक संघर्ष के बीच ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा कर खुद को पार्टी का असली संगठन होने का दावा पेश किया।
2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी दो गुटों में बंट गई। इसके बाद पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठन पर अधिकार को लेकर विवाद शुरू हो गया। इसी विवाद के समाधान के लिए चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को 6 जुलाई तक अपने-अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
ममता बनर्जी समर्थक गुट ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेज जमा कर दिए थे, जबकि ऋतब्रत बनर्जी गुट ने अतिरिक्त समय की मांग की थी। आयोग ने उन्हें 10 जुलाई तक का समय दिया था। निर्धारित समयसीमा के भीतर शुक्रवार को ऋतब्रत गुट ने भी अपने दावे के समर्थन में सभी आवश्यक दस्तावेज चुनाव आयोग के समक्ष जमा कर दिए।
सूत्रों के अनुसार, दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋतब्रत समर्थक नेता जल्द ही बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप देने, नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन तथा आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की जाएगी। अब दोनों गुटों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद चुनाव आयोग इस विवाद पर अपना निर्णय लेगा।