सीएम से मिला निर्देश, परिवहन मंत्री पहुंचे बस स्टैंड

सीएम से मिला निर्देश, परिवहन मंत्री पहुंचे बस स्टैंड
Published on

कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बसों की कमी को लेकर नाराजगी जाहिर किये जाने के बाद सोमवार को राज्य के परिवहन मंत्री स्नेहाशिष चक्रवर्ती खुद सड़क पर उतरें और यह ​समझने की कोशिश की कि आखिर किस प्रकार लोगों को बसों की कमी झेलनी पड़ रही है। परिवहन मंत्री ने सोमवार को धर्मतल्ला बस स्टैंड के अलावा ​चिंगड़ीघाटा और सेक्टर 5 में कॉलेज मोड़ बस स्टैंड का दौरा किया। परिवहन मंत्री ने इस दौरान आम लोगों से भी बातचीत की और यह समझा कि किस तरह उन्हें बसों की कमी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री के साथ परिवहन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. सौमित्र मोहन, डब्ल्यूबीटीसी के डिप्टी एमडी सोमेन माइती समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
परिवहन मंत्री स्नेहाशिष चक्रवर्ती ने बताया कि निजी के साथ ही सरकारी बसों की भी कमी है। सीएम के निर्देश पर हम सड़क पर उतरे हैं और आगे भी हमारा सर्वे जारी रहेगा। कहां-कहां बसों की फ्रिक्वेंसी बढ़ाये जाने की आवश्यकता है, इसे लेकर जल्द ही चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। सरकारी बसों की फ्रिक्वेंसी बढ़ाने के साथ ही आम लोगों के लिए सरकारी परिसेवा को और बेहतर किया जाएगा।
कोलकाता में फिलहाल बसों की फ्रिक्वेंसी बढ़ायी गयी है। अभी तक 3300 ट्रिप्स चलायी जाती थी जिसे बढ़ाकर 4100 से अधिक किया गया है। इसके बावजूद जिन रूटों पर सरकारी बसों की कमी है, उन्हें बढ़ाया जाएगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि सेक्टर 5 से 152 बसें सोमवार को चलीं जिनमें 72 नॉन एसी और 80 एसी बसें शामिल हैं।
2024 में कम हुईं 2000 से अधिक बसें
गत वर्ष यानी 2024 में कोलकाता व हावड़ा में 2000 से अधिक बसें सड़कों से कम हो गयीं। 20 लोकप्रिय बस रूट विलुप्त होने के कगार पर हैं क्योंकि ऑपरेटरों को उन्हें नई बसों से बदलने की आवश्यकता महसूस नहीं होती है। कभी मशहूर मैरून और पीले रंग की मिनी बसें भी अब अपने अंतिम चरण में हैं। यूनियनों का कहना है कि कभी 1,900 के बेड़े में से मुश्किल से 10% अक्टूबर तक सड़कों पर चलने लायक होंगी।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in