

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
कैनिंग : सांप के डंसने से एक किसान की मौत हो गई। मृतक का नाम दीपंकर दास (30) है। वह कुलतली के देउलबाड़ी इलाके का निवासी था। यह घटना शनिवार दोपहर कुलतली क्षेत्र की है। स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि दीपंकर धान के खेत में काम कर रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे झाड़ियों में छिपे एक जहरीले सांप ने पैर में डंस लिया। दर्द से छटपटाते दीपंकर को परिजनों ने तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय गांव के प्रसिद्ध ओझा के पास पहुंचा दिया। ओझा ने दावा किया कि वह सांप के जहर को मंत्रों से निकाल देंगे। परिजनों के अनुसार, ओझा ने करीब डेढ़ घंटे तक झाड़-फूंक, मंत्र और जड़ी-बूटियां लगाने का काम किया। इस दौरान दीपंकर की हालत लगातार बिगड़ती गई। सांसें तेज हो गईं, शरीर नीला पड़ने लगा और उल्टी शुरू हो गई। आखिरकार ओझा ने हार मान ली और कहा, “अब अस्पताल ले जाओ, मैं कुछ नहीं कर सकता।” तब तक कीमती समय गंवाया जा चुका था। परिजन उन्हें तुरंत जामतला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने एंटी वेनम सीरम (एवीएस) की पहली डोज दी। लेकिन जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत कैनिंग अनुमंडल अस्पताल रेफर कर दिया। कैनिंग अस्पताल पहुंचते-पहुंचते शाम दीपंकर की सांसें थम गईं। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि यदि सांप डंसने के एक घंटे के अंदर एवीएस दिया जाता, तो जान बचाई जा सकती थी।पड़ोसी बताते हैं कि दीपंकर परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। खेती और मजदूरी से घर चलाता था। कुलतली पंचायत के उपप्रधान ने कहा, “गांव में अभी भी ओझा-झाड़-फूंक पर भरोसा किया जाता है। हर साल सांप डंसने से 4-5 मौतें होती हैं। स्वास्थ्य विभाग को जागरूकता शिविर चलाने चाहिए। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।