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दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बड़ाबाजार में दो अज्ञात लुटेरों ने खुद को स्थानीय थाने का पुलिसकर्मी बताकर एक चांदी व्यापारी के कर्मचारी को रोका और बैग चेकिंग के बहाने उसमें रखे 10 लाख रुपये में से 2.50 लाख रुपये उड़ा लिए। घटना पोस्ता थानांतर्गत दिगंबर जैन टेम्पल रोड इलाके की है। पीड़ित बेचन झा की शिकायत पर पोस्ता थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार हावड़ा के गोलाबाड़ी इलाके के रहनेवाले पीड़ित बेचन झा नालिनी सेठ रोड स्थित एक चांदी कारोबारी के ऑफिस में काम करते हैं। सोमवार की शाम करीब 7:15 बजे उनके मालिक ने उन्हें 10 लाख रुपये नकद से भरा एक बैग दिया था। यह रकम दिगंबर जैन टेम्पल रोड स्थित एक आभूषण कारोबारी को डिलीवर की जानी थी। बैग में 500-500 रुपये के नोटों की 2.50-2.50 लाख रुपये वाली चार गड्डियां थीं।
'चेकिंग' के बहाने पार कर दी ढाई लाख की गड्डी
बेचन झा जब दिगंबर जैन मंदिर रोड के पास पहुंचे, तभी दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। उन्होंने खुद को स्थानीय पुलिस स्टेशन का कर्मचारी बताया और कहा कि वे बैग में ले जाए जा रहे कैश की जांच करना चाहते हैं। पीड़ित ने उन्हें सचमुच का पुलिस अधिकारी समझकर बैग चेकिंग के लिए सौंप दिया। बदमाशों ने चालाकी से स्थिति का फायदा उठाया और बैग में से 2.50 लाख रुपये की एक गड्डी पार कर दी। इसके बाद वे तुरंत वहां से फरार हो गए। डर के मारे पीड़ित उस समय शोर भी नहीं मचा सका। चूंकि पीड़ित के पास उस समय मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए वह सीधे ज्वेलरी कारोबारी की दुकान पर पहुंचा और बचे हुए 7.50 लाख रुपये वहां सौंपा। उन्होंने ज्वेलरी शॉप के स्टाफ से अनुरोध कर अपने मालिक को फोन करवाया और पूरी घटना की जानकारी दी। घटना के बाद पोस्ता थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपी हिंदी भाषी थे, मध्यम कद-काठी के थे और सामने आने पर वह उन्हें पहचान सकता है। पुलिस ने जालसाजी और ठगी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी की फुटेज खंगालकर आरोपियों का सुराग लगाने की कोशिश कर रही है।