सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

विधाननगर साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुआ मामला
फाइल फोटो
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कोलकाता : सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का मामला सामने आया है। इस संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार के एक संयुक्त सचिव की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू की है और अब स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की है। विधाननगर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 3 जुलाई 2025 को एक फर्जी ई-मेल आईडी से सरकारी विभाग के नाम पर नियुक्ति पत्र भेजे जाने की सूचना मिली थी। आरोप है कि अज्ञात लोगों ने फर्जी ईमेल आईडी का उपयोग करके एक व्यक्ति से पैसे लेकर नियुक्ति पत्र जारी किया था। जांच में सामने आया कि हावड़ा जिले के पांचला थाना क्षेत्र अंतर्गत बोनहरिशपुर निवासी अतनु मंडल को सिंचाई विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार में ग्रुप-डी पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। अतनु मंडल ने पुलिस को बताया कि उसने जगतबल्लभपुर के एक व्यक्ति को नौकरी दिलाने के आश्वासन पर 1 लाख रुपये दिये थे। पीड़ित व्यक्ति ने यह भी बताया कि 3 जुलाई 2025 को उसे ई-मेल के जरिए एक कथित नियुक्ति पत्र मिला और 4 जुलाई को जॉइनिंग को लेकर फोन कॉल भी आया। पूछताछ के दौरान उसके बयान दर्ज किए गए, जिसमें रणजीत पाल की भूमिका प्रथम दृष्टया सामने आई। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए तीन मोबाइल नंबरों और कई ई-मेल आईडी का इस्तेमाल किया गया था, जो अलग-अलग लोगों से जुड़े पाए गए। ये लोग सरकारी विभागों का प्रतिरूप बनाकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को ठग रहे थे। यह जांच बिधाननगर साइबर क्राइम थाना अंतर्गत की गई थी और संबंधित रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपते हुए स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया । इसके बाद एफआईआर दर्ज की गयी।

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