कोलकाता में बैठकर ब्रिटेन के नागरिकों को लगाते थे चुना

बालीगंज में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार
फर्जी कॉल सेंटर से बरामद सामान
फर्जी कॉल सेंटर से बरामद सामान
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कोलकाता : कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बालीगंज इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में लैपटॉप, डेस्कटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम फिरदौस इकबाल (36 ), शेख सज्जाद (36), अनुपम टिमोथी विश्वास (23 ) और शब्बीर आलम (47 ) हैं।

तकनीकी निगरानी के बाद छापेमारी

पुलिस को बालीगंज स्थित एक परिसर में अवैध कॉल सेंटर संचालित होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को पुख्ता करने के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाई। इसके बाद दोपहर के समय बालीगंज स्थित ठिकाने पर अचानक छापेमारी की गई। मौके से तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इनसे मिली जानकारी के आधार पर बाद में तालतला इलाके में दबिश देकर चौथे आरोपी को भी दबोच लिया गया।

विदेशियों को बनाते थे शिकार

जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में शामिल लोग विदेशी नागरिकों, विशेषकर ब्रिटेन (UK) के लोगों से अंग्रेजी में बात करने में कुशल थे। आरोपी वीओआईपी (VoIP) कॉलिंग एप्लीकेशन के जरिए दूरसंचार (टेलीकॉम) सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधि बनकर ब्रिटिश नागरिकों को कॉल करते थे। वे वायरलेस डाटा, सिम रीप्लेसमेंट और कस्टमर केयर सहायता का झांसा देकर लोगों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड विवरण, बैंक खाता संबंधी जानकारी और पासवर्ड हासिल कर लेते थे। इसके जरिए आरोपियों ने पाउंड और डॉलर में लाखों रुपये की ठगी की है।

डार्क वेब से जुटाते थे डाटा

पुलिस के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सरगना मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। वह डार्क वेब और अन्य अवैध स्रोतों से विदेशी ग्राहकों का कॉलिंग डाटा (लीड्स) खरीदकर गिरोह के सदस्यों को मुहैया कराता था।

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