

कोलकाता: सोशल मीडिया पर बने एक अजनबी दोस्त पर भरोसा करना कोलकाता की एक महिला को भारी पड़ गया। बेहतर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे तमिलनाडु ले जाने के बहाने कथित तौर पर मानव तस्करी गिरोह के सदस्य बांग्लादेश ले गए। परिवार की शिकायत के बाद कोलकाता पुलिस ने लगातार प्रयास कर महिला को सकुशल भारत वापस ला लिया।
30 वर्षीय मधुमिता मिस्त्री मंडल को बुधवार को बांग्लादेश की ओर से घोझाडांगा सीमा चौकी के रास्ते भारत लाया गया। कानूनी और राजनयिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें उनके भाई दीपंकर मिस्त्री को सौंप दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मधुमिता उत्तर कोलकाता के गैलिफ स्ट्रीट इलाके में अपने भाई के साथ रहती थीं। वह अपने पति से अलग रह रही थीं। इसी दौरान फेसबुक के जरिए उनकी पहचान एक अज्ञात व्यक्ति से हुई।
आरोप है कि उस व्यक्ति ने मधुमिता को तमिलनाडु में अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। नौकरी के लालच में वह 1 जुलाई को घर से तमिलनाडु जाने के लिए निकली थीं।
इसके बाद परिवार का उनसे संपर्क टूट गया।
18 जुलाई की दोपहर मधुमिता के भाई दीपंकर के मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से फोन आया। फोन करने वाली महिला ने खुद को मधुमिता बताते हुए कहा कि वह बांग्लादेश के गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती हैं।
यह जानकारी मिलते ही परिवार के होश उड़ गए। परिजनों को आशंका हुई कि नौकरी का झांसा देने वाले व्यक्ति ने साजिश के तहत मधुमिता को अपने कब्जे में लिया और अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराकर बांग्लादेश पहुंचा दिया।
इसके बाद दीपंकर ने श्यामपुकुर थाने में शिकायत दर्ज कराई और मधुमिता की गुमशुदगी की जनरल डायरी दर्ज की गई।
शिकायत मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने महिला को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की। मामले में दोनों देशों के प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के बीच समन्वय किया गया।
बांग्लादेश के खुलना स्थित भारतीय सहायक उच्च आयोग के अधिकारी पवन कुमार और वीजा मामलों के दूसरे सचिव चंद्रजीत मुखर्जी ने महिला की वापसी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घोझाडांगा सीमा चौकी पर बीएसएफ के सहायक कमांडेंट सुजीत कुमार, बशीरहाट थाने के एएसआई गोपाल मंडल और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के सदस्य भी मौजूद रहे।
भारत लौटने के बाद पुलिस अब मधुमिता से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस फेसबुक के जरिए संपर्क करने वाले व्यक्ति और उन लोगों की पहचान पर है, जिन्होंने महिला को भारत से बांग्लादेश पहुंचाने में कथित तौर पर भूमिका निभाई।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नौकरी का झांसा देने वाले इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
महिला की सुरक्षित वापसी से उसके परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने उसे वापस लाने में सहयोग करने वाले सभी प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के प्रति आभार जताया है।