

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : ठाकुरपुकुर थाना क्षेत्र के अरविंद नगर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। फेफड़ों के कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रही एक असहाय बुजुर्ग विधवा महिला ने अपनी बहू पर शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न और जान से मारने की कोशिश का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, उनके बेटे डॉ. समरेश का विवाह दिसंबर 2023 में देवश्री दास से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही बहू का व्यवहार हिंसक बना हुआ है। पीड़िता ने बताया कि हाल ही में बहू ने तकिये से उनका मुंह दबाकर सांस रोककर मार डालने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, उन्हें समय पर भोजन और दवाइयों से भी वंचित रखा जा रहा है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि बहू उनके बेटे को भड़काकर उन्हें उनके ही घर से बेदखल करने की साजिश रच रही है।
10 दिन बीतने पर भी FIR दर्ज न करने का आरोप
मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता ने 21 जुलाई 2026 को दर्ज जीडी के बाद 07 अगस्त 2026 को ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में स्पीड पोस्ट के जरिए लिखित शिकायत भेजी थी। बुजुर्ग महिला का कहना है कि 10 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपी बहू के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की और न ही कोई कार्रवाई की है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा और न्याय की गुहार
पुलिस की कथित निष्क्रियता से आरोपी के हौसले बुलंद हैं, जिससे पीड़ित महिला की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। गंभीर स्थिति में पीड़िता ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि ''वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम'' व ''घरेलू हिंसा अधिनियम'' के तहत उन्हें उनके पति के स्व-अर्जित मकान में शांतिपूर्ण रहने का अधिकार और सुरक्षा प्रदान की जाए।