

कोलकाता : खुद को एनआईए अधिकारी बताकर जालसाजों के गिरोह ने एक वृद्ध को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 51.5 लाख रुपये ठग लिये। घटना को लेकर श्यामपुकुर थाना और लालबाजार के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है। जानकारी के अनुसार रमाकांत बोस स्ट्रीट के रहनेवाले पीड़ित सुमित बसु ने बताया कि उन्हें विभिन्न मोबाइल नंबरों से कॉल आए। कॉल करने वालों ने खुद को एनआईए और गोरखपुर सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताते हुए उन पर आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त होने का झूठा आरोप लगाया। ठगों ने वीडियो कॉल के माध्यम से बसु को लगातार निगरानी में रखा और इसे डिजिटल अरेस्ट बताया। उन्हें धमकी दी गई कि यदि उन्होंने किसी को इसकी जानकारी दी, तो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बनाकर उनके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। भय के माहौल में रखकर उनसे कहा गया कि वे अपनी सभी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तोड़कर राशि आरबीआई वेरिफिकेशन के लिए निर्दिष्ट खातों में ट्रांसफर करें। डर और दबाव में आकर सुमित बसु ने 27 मार्च से 4 अप्रैल 2026 के बीच कुल 51.5 लाख रुपये तीन अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिये। पीड़ित के अनुसार, ठगों ने उन्हें रोजाना अपडेट देने के लिए मजबूर किया और परिवार से अलग-थलग रखा। परिवार और बेटी की सुरक्षा को लेकर डर के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। इस मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए सुमित बसु ने प्रशासन से अपील की है कि आरोपितों का पता लगाकर संबंधित बैंक खातों को तत्काल फ्रीज किया जाए, ताकि उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सके। उन्होंने अपने बैंक लेनदेन के दस्तावेज भी जांच के लिए जमा किए हैं।