ECL ने स्वच्छता, स्थिरता और परिचालन दक्षता को बनाया स्पेशल कैंपेन 6.0 का नया मूल मंत्र

 ECL ने स्वच्छता, स्थिरता और परिचालन दक्षता को बनाया स्पेशल कैंपेन 6.0 का नया मूल मंत्र
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के तहत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) तथा भारत सरकार के कोयला मंत्रालय की ‘ई-वेस्ट मैनेजमेंट’ थीम के अनुरूप स्पेशल कैंपेन 6.0 का शुभारंभ किया। इस अभियान के माध्यम से ईसीएल ने संगठन में कार्यस्थल की स्वच्छता बढ़ाने, स्थिरता को बढ़ावा देने और परिचालन दक्षता को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।

अभियान का मुख्य केंद्र ई-वेस्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण पर रहेगा। इसके तहत चार प्रमुख क्षेत्रों — ई-वेस्ट प्रबंधन, लंबित मामलों में कमी, स्थान का अनुकूलन और डिजिटलीकरण — पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे दो चरणों में लागू किया जाएगा। तैयारी चरण 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक, जबकि कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

अभियान का औपचारिक शुभारंभ ईसीएल के सीएमडी, श्री सतीश झा ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री झा ने विशेष अभियान 6.0 के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सामूहिक सहभागिता के महत्व पर जोर दिया तथा सभी कर्मचारियों से अभियान के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय एवं सार्थक योगदान देने का आह्वान किया।

शुभारंभ कार्यक्रम में निदेशक (वित्त) श्री एम.डी. अंजार आलम; निदेशक (मानव संसाधन) श्री गुंजन कुमार सिन्हा; निदेशक (तकनीकी/पीएंडपी) श्री गिरिश गोपीनाथन नायर; निदेशक (तकनीकी/संचालन) एवं स्पेशल कैंपेन 6.0 के नोडल अधिकारी श्री चित्रंजन कुमार; श्री नजरुल इस्लाम, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सहित मुख्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक उपस्थित रहे।

विशेष अभियान 6.0 के तहत ईसीएल ‘एक्ट टुडे, इम्पैक्ट टूमोरो’ के संकल्प के साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरे के व्यवस्थित संग्रहण, पृथक्करण एवं जिम्मेदार निस्तारण के लिए विशेष प्रयास करेगा। इसके साथ ही, सांसदों एवं राज्य सरकारों सहित विभिन्न हितधारकों से प्राप्त लंबित जन शिकायतों, अपीलों, संदर्भों एवं पत्राचारों के समयबद्ध निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

अभियान के तहत स्थान के अनुकूलन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसके अंतर्गत कार्यालय परिसरों में उपलब्ध मूल्यवान स्थान पर कब्जा किए हुए स्क्रैप, पुराने एवं अनुपयोगी सामानों की पहचान कर उनका निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ईसीएल कागज रहित एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देगा तथा दक्षता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए डिजिटलीकरण का प्रभावी उपयोग करेगा।

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