चीनी और प्याज की कालाबाजारी पर कोलकाता के 30 बाजारों में ईबी के छापे

10 डिविजन के करीब 30 बाजारों में चला अभियान
पोस्ता बाजार में जांच के लिए पहुंचेडीसी सेंट्रल प्रवीण प्रकाश व अन्य अधिकारी
पोस्ता बाजार में जांच के लिए पहुंचेडीसी सेंट्रल प्रवीण प्रकाश व अन्य अधिकारी
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कोलकाता : महानगर में चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों और कथित कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए मंगलवार को कोलकाता पुलिस की एनफोर्समेंट ब्रांच (ईबी) ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। शहर के 10 पुलिस डिविजन के करीब 30 बाजारों में ईबी अधिकारियों ने पहुंचकर चीनी, प्याज समेत कई जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमत और आपूर्ति की स्थिति की जांच की। अधिकारियों ने चीनी और प्याज के अलावा लहसुन, चावल, तेल, चिकन और अंडे की कीमतों पर भी नजर रखी। यह जांच की गई कि कहीं इन जरूरी वस्तुओं की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी तो नहीं की जा रही है।

पोस्ता से गड़िया तक बाजारों में जांच

डीसी (ईबी) स्पर्शा नीलांगी के नेतृत्व में अधिकारियों ने कोले मार्केट समेत मध्य कोलकाता के कई बाजारों का दौरा किया। इसके अलावा उत्तर कोलकाता के श्यामबाजार, मानिकतला मार्केट, इंटाली मार्केट और न्यू मार्केट में भी अभियान चलाया गया। इसके अलावा पोस्ता बाजार में डीसी सेंट्रल प्रवीण प्रकाश के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। दक्षिण कोलकाता में जदुबाबू बाजार, लेक मार्केट, खिदिरपुर बाजार, गड़ियाहाट बाजार और गड़िया बाजार समेत कई बड़े बाजारों में ईबी की टीम पहुंची और व्यापारियों से कीमतों तथा आपूर्ति के बारे में जानकारी ली।

66 से 72 रुपये किलो बिक रही चीनी

ईबी अधिकारियों के मुताबिक शहर में चीनी की कीमत अब भी ऊंची बनी हुई है। कारोबारियों ने अधिकारियों को बताया कि बाजार में चीनी की आपूर्ति बेहद कम है। बाहरी मिलों से पर्याप्त मात्रा में चीनी शहर में नहीं पहुंच रही है, जिसके कारण कीमत कम करना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल खुले बाजार में चीनी 66 से 72 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है।

नासिक में बारिश से प्याज की आपूर्ति प्रभावित

प्याज कारोबारियों ने अधिकारियों को बताया कि नासिक में बारिश और बाढ़ के कारण खेतों में प्याज खराब हो रहा है। इसके चलते अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की पर्याप्त मात्रा कोलकाता नहीं पहुंच पा रही है। मंगलवार को भी थोक बाजार में 43 किलो की एक बोरी प्याज 1,700 से 1,800 रुपये में बिकी। कारोबारियों के अनुसार, कोलकाता पहुंचने के बाद भी प्रति बोरी करीब 3 से 4 किलो प्याज खराब हो जा रहा है। इसके कारण खुले बाजार में प्याज की कीमत लगभग 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। छोटे बाजारों में स्थिति और महंगी है, जहां प्याज 65 से 70 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।

सब्जियों की कीमतों में कुछ राहत

हालांकि पुलिस के मुताबिक, अन्य सब्जियों की कीमतों में अब कुछ राहत देखने को मिल रही है। बैंगन, परवल और हरी मिर्च के दाम में कुछ कमी आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी कोई नई बात नहीं है। पिछले साल भी बारिश के मौसम में सब्जियों के दाम बढ़े थे। इस बीच ईबी की नजर जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों और बाजार में उनकी उपलब्धता पर बनी हुई है।

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