क्या भाजपा के पास अपने चेहरे नहीं? तृणमूल का तंज

सुखेंदु-सुष्मिता-प्रकाश की एंट्री पर उठे सवाल
कुणाल घोष
कुणाल घोष
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद पार्टी ने इसे भाजपा की राजनीतिक मजबूरी करार दिया।

तृणमूल के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास न तो पर्याप्त नेतृत्व है और न ही ऐसे चेहरे, जिनके दम पर वह अपने संगठन का विस्तार कर सके। यही वजह है कि उसे बार-बार तृणमूल के नेताओं को अपने दल में शामिल करना पड़ रहा है।

शुक्रवार को विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कुणाल ने कहा कि जो नेता वर्षों तक तृणमूल के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे, वही अब भाजपा के सहारे अपने राजनीतिक भविष्य को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा अब "तृणमूल एलुमनाई (भूतपूर्व) एसोसिएशन" बन गई है। उनके अनुसार, दूसरे दलों के नेताओं पर लगातार निर्भरता भाजपा के संगठनात्मक संकट को दर्शाती है।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में कुणाल ने कांग्रेस, माकपा, पुराने भाजपा, एसयूसीआई और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के उन कार्यकर्ताओं की सराहना की, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी विचारधारा का साथ नहीं छोड़ा।

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