रिक्शा चालकों का 'चंदा' बढ़ाने पर विवाद

विजयगढ़ रिक्शा स्टैंड यूनियन पर उठे सवाल
Kolkata
फाइल फोटो
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कोलकाता : दक्षिण कोलकाता के विजयगढ़ रिक्शा स्टैंड यूनियन में रिक्शा चालकों से वसूले जाने वाले 'चंदा' (यूनियन शुल्क) में अचानक की गई बढ़ोतरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

यूनियन के कई सदस्यों ने आरोप लगाया है कि बिना व्यापक सहमति के शुल्क बढ़ा दिया गया, जिससे उनकी रोजमर्रा की कमाई पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, यूनियन ने अपने लगभग 60 रिक्शा चालकों के लिए 100 रुपये यूनियन शुल्क अनिवार्य कर दिया है। कई चालकों का कहना है कि यह निर्णय एकतरफा लिया गया और शुल्क बढ़ाने के पीछे कोई स्पष्ट कारण या वित्तीय हिसाब-किताब साझा नहीं किया गया।

इससे यूनियन के भीतर असंतोष बढ़ गया है। कुछ रिक्शा चालकों ने मांग की है कि यूनियन चंदे की राशि और उसके उपयोग का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करे। उनका कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई और सीमित आय के बीच अतिरिक्त चंदा देना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

दूसरी ओर, यूनियन से जुड़े कुछ लोगों का तर्क है कि स्टैंड के रखरखाव और अन्य प्रशासनिक खर्चों को पूरा करने के लिए शुल्क में वृद्धि आवश्यक थी।

बढ़ते विवाद के बीच कई सदस्य मामले के पारदर्शी समाधान और यूनियन की कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। यदि विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप की भी संभावना जताई जा रही है।

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