चार महीने में मोहभंग, चंद्र बोस ने छोड़ी तृणमूल

व्यक्तिगत कारण बताकर दिया इस्तीफा
चंद्र बोस
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नेताजी सुभाषचंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र बोस ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर तृणमूल में शामिल हुए चंद्र ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को भेजे दो पंक्तियों के पत्र में इस्तीफे का "व्यक्तिगत कारण" बताया और पार्टी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

चंद्र बोस ने इसी वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़ते हुए कहा था कि 2016 में भाजपा में शामिल होना उनकी "ऐतिहासिक भूल" थी, जिसे उन्होंने तृणमूल में आकर सुधारा है। हालांकि, चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला। चुनाव परिणाम आने के करीब तीन महीने बाद उन्होंने तृणमूल भी छोड़ दी।

चंद्र बोस 2016 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। वह पश्चिम बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष भी रहे, लेकिन 2020 में उन्हें पद से हटा दिया गया था। तृणमूल छोड़ने के बाद अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। फिलहाल उन्होंने किसी अन्य दल में शामिल होने या सक्रिय राजनीति जारी रखने को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है।

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