दिशा आई हॉस्पिटल्स ने 20,000 कॉर्निया प्रत्यारोपण का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार

दो प्रत्यारोपण से 20,000 तक का सफर: दृष्टि लौटाने की दिशा की प्रेरणादायक यात्रा
दिशा आई हॉस्पिटल्स ने 20,000 कॉर्निया प्रत्यारोपण का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दिशा आई हॉस्पिटल्स ने अपने प्रोवा आई बैंक के माध्यम से 20,000 से अधिक कॉर्निया प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी देने और नेत्रदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

वर्ष 1997 में मात्र दो कॉर्निया प्रत्यारोपण से शुरू हुई दिशा की कॉर्निया सेवाएं आज पूर्वी भारत के सबसे प्रभावशाली और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल हैं। जून 2026 तक अस्पताल ने 20,211 कॉर्निया प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए हैं, जिससे कॉर्निया अंधत्व से पीड़ित हजारों मरीजों के जीवन में नई रोशनी आई है।

पिछले 29 वर्षों में दिशा आई हॉस्पिटल्स ने कुल 27,252 कॉर्निया एकत्रित किए हैं। इनमें 14,872 कॉर्निया हॉस्पिटल कॉर्निया रिट्रीवल प्रोग्राम (HCRP) के माध्यम से तथा 12,380 कॉर्निया स्वैच्छिक नेत्रदान से प्राप्त हुए। इनमें से 11,110 HCRP तथा 9,101 स्वैच्छिक दान से प्राप्त कॉर्निया का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया। इस प्रकार कॉर्निया उपयोग की दर 74 प्रतिशत से अधिक रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 50 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है।

इस उपलब्धि में हॉस्पिटल कॉर्निया रिट्रीवल प्रोग्राम (HCRP) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसके माध्यम से कुल प्रत्यारोपणों में आधे से अधिक किए गए। हाल के वर्षों में स्वैच्छिक नेत्रदान में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो समाज में बढ़ती जागरूकता और सहभागिता का प्रमाण है।

कोविड-19 महामारी के दौरान आई बैंकिंग सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं, लेकिन दिशा के प्रोवा आई बैंक ने चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए अपनी सेवाओं को पुनः गति दी और लोगों को दृष्टि प्रदान करने का मिशन जारी रखा।

डॉ. समर कुमार बसाक, निदेशक, दिशा आई हॉस्पिटल्स एवं मेडिकल डायरेक्टर, कॉर्निया एवं आई बैंक सर्विसेज ने कहा, "20,000 कॉर्निया प्रत्यारोपण का आंकड़ा केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह 20,000 लोगों के जीवन में नई उम्मीद और 20,000 परिवारों की खुशियों का प्रतीक है। यह उपलब्धि हमारे चिकित्सकों, प्रोवा आई बैंक की टीम, दानदाता परिवारों और सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। हम उन सभी लोगों के प्रति आभारी हैं जिन्होंने नेत्रदान कर किसी और को दुनिया देखने का अवसर दिया।"

डॉ. देबाशीष भट्टाचार्य, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, दिशा आई हॉस्पिटल्स ने कहा, "प्रोवा आई बैंक और कॉर्निया विभाग की पूरी टीम को इस असाधारण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई। डॉ. बसाक के नेतृत्व को मेरा सलाम। यह एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और हमें विश्वास है कि आने वाले समय में टीम और भी बड़ी सफलताएं हासिल करेगी।"

कॉर्निया अंधत्व आज भी दृष्टि हानि के प्रमुख कारणों में से एक है और अनेक मरीजों के लिए कॉर्निया प्रत्यारोपण ही दृष्टि बहाल करने का एकमात्र प्रभावी उपचार है। दिशा आई हॉस्पिटल्स पूर्वी भारत में गुणवत्तापूर्ण कॉर्निया उपचार उपलब्ध कराने और नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने के अपने अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर दिशा आई हॉस्पिटल्स ने आम जनता से नेत्रदान का संकल्प लेने और इस जीवन बदलने वाले अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है।

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