

कोलकाता : सिलीगुड़ी में प्रस्तावित महाकाल मंदिर के शिलान्यास समारोह से पहले शुक्रवार की सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने इस परियोजना को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं अचानक भक्त का वेश धारण कर मंदिर नहीं जाता। मैं भगवान से मिलने मंदिर जाता हूं। मंदिर किसने बनाया, यह मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। मंदिर कोई भी बनाए, मैं जरूर जाऊंगा। वहीं तृणमूल कांग्रेस के इरादों पर सवाल उठाते हुए दिलीप घोष ने कहा कि यदि मंदिर निर्माण के पीछे नीयत साफ नहीं होती, तो भगवान स्वयं रुकावटें खड़ी कर देते हैं, लेकिन अगर इरादे अच्छे हों, तो कोई बाधा नहीं आती। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा कभी वोट के लिए मंदिर नहीं बनाती और आस्था को राजनीति से जोड़ने में विश्वास नहीं रखती। राम मंदिर का उल्लेख करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि यह भारतीय संस्कृति और आस्था के 500 वर्षों के संघर्ष का प्रतीक है, जिसे आम लोगों के दान और त्याग से बनाया गया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मौजूदा हालात के दबाव में कुछ लोग फिर से मंदिरों की राजनीति करने लगे हैं। दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस हिंदू मतदाताओं को खुश करने के लिए मंदिर निर्माण का सहारा ले रही है, लेकिन इससे जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और सही-गलत का फैसला स्वयं करेगी।