तृणमूल के कब्जे से निकलकर प्रशासक के अधीन पहुंची डायमंड हार्बर पालिका

डायमंड हार्बर पालिका की तस्वीर
डायमंड हार्बर पालिका की तस्वीर
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कोलकाता : राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद एक और तृणमूल कांग्रेस संचालित नगरपालिका बोर्ड को भंग कर प्रशासक के अधीन कर दिया गया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के चर्चित "डायमंड हार्बर मॉडल" को बड़ा झटका लगा है। डायमंड हार्बर नगरपालिका के 9 तृणमूल पार्षदों के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार के शहरी विकास एवं नगर प्रशासन विभाग (यूडी एंड एमए) ने नगरपालिका बोर्ड को भंग करने का निर्देश जारी किया। इसके बाद रविवार से नगरपालिका का संचालन प्रशासक के माध्यम से किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, डायमंड हार्बर के एसडीओ अयन दत्तगुप्ता को नगर पालिका का प्रशासक नियुक्त किया गया है और उन्होंने रविवार से कार्यभार संभाल लिया है। गौरतलब है कि गत 25 मई को डायमंड हार्बर नगरपालिका के 16 वार्डों में से 9 तृणमूल पार्षदों ने चेयरमैन प्रणब दास को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इनमें से कुछ पार्षदों ने ई-मेल के माध्यम से भी इस्तीफा भेजा था।इस्तीफा देने वाले पार्षदों में वार्ड संख्या 1 के दिव्येंदु हलदार, वार्ड 2 की मंजू मंडल, वार्ड 7 के तमाल हलदार, वार्ड 8 के मृदुल हलदार, वार्ड 9 के स्वपन दास, वार्ड 11 के आलोक हलदार, वार्ड 13 के अमित साहा, वार्ड 14 की पूजा साहा तथा वार्ड 16 की देवकी हलदार शामिल हैं। इन पार्षदों ने नगरपालिका में लंबे समय से व्यापक वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया था। उनका आरोप था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें पुलिस की ओर से प्रताड़ना और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, नगरपालिका चेयरमैन ने सभी इस्तीफों को राज्य सरकार के शहरी विकास एवं नगर प्रशासन विभाग को भेज दिया था। विभाग ने शनिवार को नगरपालिका बोर्ड को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया, जिसके बाद रविवार से पूरा प्रशासनिक नियंत्रण प्रशासक के हाथों में चला गया। उल्लेखनीय है कि डायमंड हार्बर नगरपालिका का चुनाव 27 फरवरी 2022 को हुआ था। नियमानुसार अगला चुनाव वर्ष 2027 में होना था और वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने में अभी लगभग आठ महीने शेष थे। ऐसे में कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही तृणमूल संचालित नगरपालिका बोर्ड के भंग हो जाने से हुगली नदी तटवर्ती इस शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

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