

कोलकाता : सच्चा साहस हो तो किसी भी समस्या का सामना किया जा सकता है। साहस का अर्थ गोली चलाना या किसी की जान लेना नहीं, बल्कि डटकर खड़े रहना और अपने फैसलों पर अडिग रहना है। उक्त बातें राज्य के डीजीपी राजीव कुमार ने गुरुवार को बॉडीगार्ड लाइंस में आयोजित अपने विदाई समारोह के दौरान कहीं। डीजीपी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस बिना जानमाल के नुकसान के समस्याओं का समाधान कर रही है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में बंगाल के सामने चुनौतियां कहीं अधिक हैं। अपने विदाई भाषण में डीजीपी ने कहा, ‘हम अपनी ड्यूटी के दौरान प्राण देने के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं और इस पर हमें गर्व है। यह भावना सच्चे साहस से ही आती है। अपने कामकाज के दौरान हमें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन यदि हम ईमानदार साहस बनाए रखें तो उन समस्याओं से निपटना आसान हो जाता है।’
उन्होंने आगे स्पष्ट किया, ‘साहस का मतलब गोली चलाना या लोगों को मारना नहीं है। साहस का अर्थ है रुककर सामना करना और अपने निर्णयों पर अडिग रहना।’ राज्य की कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा राज्य रणनीतिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। हम तीन अंतरराष्ट्रीय सीमाएं साझा करते हैं, इसलिए हमारी चुनौतियां स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। इसके बावजूद आप सभी जिस तरह शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, उस पर हमें गर्व है।’