आवासन के 16वें टावर को गिराने के आदेश के खिलाफ डेवेलपर जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

सांकेतिक चित्र
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कोलकाता : एलिटा गार्डेन विस्ता के 16वें टावर को गिराने के कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अब डेवेलपर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने जा रहे हैं। इस मामले में जस्टिस राजाशेखर मंथा और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता के डिविजन बेंच ने यह स्पष्ट किया था कि अन्य फ्लैट मालिकों की सहमति के बिना 16वें टावर का निर्माण पूरी तरह अवैध है और इसे गिराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा था कि इस टावर में मौजूद 160 अपार्टमेंट्स के खरीदारों को उनकी मूल राशि के साथ 7% वार्षिक ब्याज देकर भुगतान लौटाना होगा। फैसले में यह भी कहा गया कि फ्लैट मालिकों का हक सिर्फ फ्लैट की सीमा तक सीमित नहीं होता, बल्कि जमीन में भी उनकी आनुपातिक भागीदारी होती है। 16वें टावर के निर्माण से 15 टावरों के फ्लैट मालिकों की हिस्सेदारी पर सीधा असर पड़ा है, जिसे केवल अतिरिक्त सुविधाएं देकर संतुलित नहीं किया जा सकता। अब डेवेलपर ने संकेत दिए हैं कि वे इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। सूत्रों के मुताबिक, डेवेलपर्स का तर्क है कि उन्होंने निर्माण से पहले सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की थीं और वे सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

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