महानगर में डेंगू के मामले 800 के करीब पहुंचे

हर सप्ताह मिल रहे हैं 30–40 नये केस
सांकेतिक चित्र
सांकेतिक चित्र
Published on

कोलकाता : महानगर में डेंगू संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। 5 अक्टूबर तक डेंगू के कुल 791 मामले सामने आ चुके हैं। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के वेक्टर कंट्रोल विभाग के अनुसार, हर सप्ताह औसतन 30 से 40 नये मरीज चिह्नित हो रहे हैं। हालांकि, पिछले साल की तुलना में डेंगू के मामलों में 89 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है। पिछले साल इसी समयावधि के दौरान महानगर में डेंगू के 7422 मामले चिह्नित किए गए थे। केएमसी के वेक्टर कंट्रोल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ की वजह से मामलों में अचानक वृद्धि देखी गई है। पूजा के दिनों में महानगर में भारी संख्या में लोग पहुंचे थे, जिनमें कई लोग आसपास के जिलों से भी शामिल थे। अधिकारी का मानना है कि कुछ लोग डेंगू वायरस के वाहक हो सकते हैं, जिसके चलते संक्रमण और अधिक फैला।

पंडालों की खुली संरचनाएं बनीं खतरे का कारण

दुर्गा पूजा समाप्त होने के बाद पंडालों को हटाने का कार्य जारी है, लेकिन कई इलाकों में अब भी सजावटी सामग्री, रस्सी और बांस की संरचनाएं सड़कों पर फैली हुई हैं, जिनमें बारिश या नल से निकले पानी के जमा होने की आशंका है। केएमसी सूत्रों के अनुसार इन खुले ढांचों में जमा पानी डेंगू के मच्छरों के प्रजनन का केंद्र बन सकता है। इससे डेंगू के मामलों में और अधिक इजाफा होने की आशंका है।

केएमसी का विशेष अभियान

स्थिति को देखते हुए कोलकाता नगर निगम ने डेंगू प्रभावित इलाकों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रमुख पूजा पंडालों और उनके आसपास के इलाकों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जाएगा। फॉगिंग अभियान भी तेज किया जाएगा ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। केएमसी ने पूजा आयोजकों और समितियों को भी जागरूक करने की योजना बनायी है। निगम द्वारा समितियों से अनुरोध किया जाएगा कि वे स्थिर पानी के स्रोतों को नियमित रूप से हटाएं या ढँक कर रखें।

डेंगू से बचाव के लिए अपनाएँ ये उपाय :

घर के आसपास जलजमाव न होने दें

पानी की टंकियों को ढँक कर रखें

कूलर, फूलदान, गमलों का पानी हर 2-3 दिन में बदलें

पूरी बाजू के कपड़े पहनें

मच्छरदानी व रिपेलेंट का प्रयोग करें

बुखार होने पर स्वयं इलाज न करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in