आयुष्मान भारत और राज्य स्वास्थ्य योजना की दरों में संशोधन की मांग

निजी अस्पतालों ने सरकार से लगाई गुहार
Kolkata
निर्धारित पैकेज दरों की समीक्षा की मांग तेज
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत और राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत इलाज के लिए निर्धारित पैकेज दरों की समीक्षा की मांग तेज हो गई है। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के संगठन एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम (APHNH) ने राज्य सरकार से इलाज की दरें बढ़ाने और बीमा भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने की अपील की है।

कई चिकित्सा पैकेजों की दरें कम होने पर चिंता

संगठन के सचिव डॉ. राजीव कुमार पांडे ने कहा कि आईसीयू, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक उपचार और इम्प्लांट से जुड़ी प्रक्रियाओं के पैकेज की दरों की नियमित समीक्षा होनी चाहिए। अस्पतालों का कहना है कि आयुष्मान भारत के तहत कुछ उपचारों की दरें स्वास्थ्य साथी योजना की तुलना में भी कम हैं। इससे बेहतर गुणवत्ता वाले इम्प्लांट, एंटीबायोटिक और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में आर्थिक कठिनाई हो सकती है।

बकाया भुगतान के लिए तय हो समयसीमा

APHNH ने पुराने बकाया बिलों के भुगतान और नए दावों के निपटारे के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित करने की मांग की है। संगठन चाहता है कि अस्पताल डिजिटल माध्यम से अपने बीमा दावों की स्थिति देख सकें। किसी बिल में कटौती या दावा खारिज होने पर उसका लिखित कारण भी बताया जाए। संगठन से करीब 1,200 छोटे और मध्यम स्वास्थ्य संस्थान जुड़े हैं।

गंभीर मरीजों के अतिरिक्त खर्च पर स्पष्ट नीति की मांग

निजी अस्पतालों के अनुसार, कैंसर, गंभीर दुर्घटनाओं और जटिल सर्जरी के मामलों में कई बार निर्धारित पैकेज की राशि उपचार पूरा होने से पहले ही समाप्त हो जाती है। ऐसे में अतिरिक्त खर्च का भुगतान कौन करेगा, इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जरूरी हैं।

संगठन ने सरकार को आश्वस्त किया है कि चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता और नैतिकता बनाए रखने के साथ किसी भी तरह की अनियमितता की जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। अस्पतालों का मानना है कि उचित दरें और समय पर भुगतान सुनिश्चित होने से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मरीजों तक बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।

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