

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर तृणमूल कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया है। शुक्रवार शाम को दमदम सेंट्रल जेल मैदान में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेगी, लेकिन इसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़ने का विरोध करेगी।
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा, “ये लोग लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं, इन्हें एक दिन भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए देश की चुनावी संरचना में बदलाव करना चाहती है और बंगाल को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले से ही पंचायत और नगर निकायों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू है, जबकि उनकी पार्टी के 37 प्रतिशत सांसद महिलाएं हैं।
ममता ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के साथ परिसीमन को जोड़कर “राजनीतिक स्वार्थ” साधने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार देश को “टुकड़ों में बांटने” की कोशिश कर रही है और बंगाल विभाजन की साजिश की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून ही असली था, लेकिन अब इसे परिसीमन से जोड़कर देश के चुनावी नक्शे में बदलाव करने की कोशिश हो रही है। इस पूरे मुद्दे पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है और विपक्ष इसे लोकतांत्रिक ढांचे में बड़ा बदलाव बता रहा है।