

कोलकाता : दुर्गा पूजा समाप्त होने के बाद शहर के पार्कों और सड़कों को पहले की स्थिति में लौटाने के कोलकाता नगर निगम (KMC) के निर्देश का पूरी तरह पालन नहीं हो सका है। गुरुवार को पंडाल हटाने की संशोधित समयसीमा समाप्त होने के बावजूद कई इलाकों में पूजा पंडालों के ढांचे मौजूद रहे।
इसके कारण स्थानीय निवासियों को सार्वजनिक पार्कों का इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है। नगर निगम ने पहले 27 अक्टूबर तक पंडाल हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन अधिकांश पूजा समितियों की ओर से काम पूरा नहीं किए जाने पर समयसीमा 48 घंटे बढ़ा दी गई थी।
अब भी बांस और सजावट की सामग्री बिखरी पड़ी
पार्क स्ट्रीट स्थित एलन पार्क में इस वर्ष पहली बार दुर्गा पूजा आयोजित की गई थी, लेकिन पूजा समाप्त होने के बाद भी पार्क को पूरी तरह खाली नहीं कराया जा सका है। आयोजक समिति के एक सदस्य के मुताबिक, पंडाल हटाने और पार्क को सामान्य स्थिति में लाने में अभी चार से पांच दिन और लगेंगे।
समिति ने माना कि पहली बार पूजा आयोजित करने के कारण उन्हें इस काम का पर्याप्त अनुभव नहीं है। आयोजकों ने नगर निगम से अतिरिक्त समय देने की मांग करने की बात भी कही है। वहीं, बागबाजार के जगत मुखर्जी पार्क में भी पंडाल का ढांचा नहीं हटाए जाने से स्थानीय लोग परेशान हैं।
कुम्हारटोली पार्क में पंडाल हटाने का काम शुरू जरूर हुआ है, लेकिन बांस और सजावट की सामग्री पूरे मैदान में बिखरी पड़ी है। पूजा के दौरान लगाए गए मेले की अस्थायी दुकानें भी अव्यवस्था बढ़ा रही हैं। कॉलेज स्क्वायर में भी विशाल पंडाल का ढांचा अब तक नहीं हटाया गया है।
कई इलाकों में विज्ञापन के ढांचे भी बरकरार
समस्या केवल पूजा पंडालों तक सीमित नहीं है। KMC के पार्क विभाग के एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि दुर्गा पूजा के दौरान विज्ञापनों के लिए लगाए गए अस्थायी बांस के ढांचे भी कई इलाकों में अब तक मौजूद हैं। इनमें उल्टाडांगा, मानिकतला, सेंट्रल एवेन्यू, न्यू अलीपुर, डायमंड हार्बर रोड, टॉलीगंज और भवानीपुर शामिल हैं।
पंडालों और अस्थायी ढांचों के नहीं हटने से सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल करने वाले नागरिकों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। अब देखना होगा कि नगर निगम इन पूजा समितियों से समयसीमा का पालन किस तरह सुनिश्चित कराता है।