

सोशल मीडिया एक्टिविटी से विष्णुपुर के अपार्टमेंट में पकड़ा गया शातिर ठग
कोलकाता : कोलकाता में एक निजी बैंक की एटीएम से महज एक महीने के भीतर 1.11 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम थाने की टीम ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल फैजल अली को विष्णुपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में 70 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। गिरफ्तार आरोपी को बुधवार को बैंकशाल अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया।
जून में सामने आया था 1.11 करोड़ रुपये की ठगी का मामला
पुलिस के मुताबिक, इस साल जून में एटीएम के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि लालबाजार के पास आर.एन. मुखर्जी रोड स्थित एक निजी बैंक की एटीएम से 1.11 करोड़ रुपये निकाले गए थे। इस रकम की हेराफेरी के लिए 70 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस का कहना है कि इन खातों में जमा रकम साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी थी।
शोएब जूनियर से पूछताछ में मिला फैजल का सुराग
इस मामले की जांच के दौरान बालीगंज थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शोएब जूनियर नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में साइबर क्राइम थाने की हिरासत में उससे पूछताछ की गई। इसी दौरान पुलिस को फैजल अली के बारे में अहम जानकारी मिली। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि बेहला निवासी फैजल ठगी में शामिल लोगों को एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्ड की व्यवस्था कैसे की जाती थी और धोखाधड़ी से निकाली गई रकम किन लोगों तक पहुंची।
फेसबुक की लोकेशन से फैजल तक पहुंची पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शोएब जूनियर की गिरफ्तारी के बाद फैजल ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था। हालांकि, कुछ दिन पहले उसके फेसबुक का इस्तेमाल करने के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन का सुराग मिला। इसी आधार पर पुलिस ने विष्णुपुर स्थित एक अपार्टमेंट में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस फैजल के भाई शेख हमजा को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां अब दोनों की भूमिका और अन्य संदिग्धों के साथ उनके संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।
एनसीआरपी पोर्टल से मिले थे संदिग्ध हॉटस्पॉट के संकेत
जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के जरिए साइबर ठगी की रकम निकाले जाने से जुड़े हॉटस्पॉट की पहचान की गई थी। पुलिस इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आर.एन. मुखर्जी रोड स्थित एटीएम तक पहुंची। मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि एटीएम के सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के चेहरे स्पष्ट रूप से नजर नहीं आए। बताया गया है कि वे बुर्का या हेलमेट पहनकर एटीएम के भीतर दाखिल हुए थे।
पुलिस खंगाल रही है ठगी की रकम का पूरा नेटवर्क
अदालत ने आरोपी फैजल अली को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश दिया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर ठगी की रकम के लेन-देन, एटीएम कार्ड की आपूर्ति और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि पूछताछ से साइबर धोखाधड़ी के इस मामले की अन्य कड़ियों का भी खुलासा हो सकता है।