विदेश में नौकरी की आड़ में फैल रहा ‘साइबर गुलामी’ का जाल

राज्य पुलिस ने युवाओं को किया सतर्क
फाइल फोटो
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कोलकाता : विदेश में मोटी कमाई वाले रोजगार का लालच देकर युवाओं को साइबर अपराधियों के गिरोह द्वारा ‘साइबर गुलामी’ में धकेले जाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले ऐसे गिरोह कंबोडिया में सक्रिय पाए गए थे, लेकिन अब इनके नेटवर्क म्यांमार और थाईलैंड तक फैल चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केन्द्रीय गृह विभाग ने देशभर के युवाओं को चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही राज्य पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी युवक या युवती विदेश में नौकरी के नाम पर इन गिरोहों के चंगुल में न फंस सके।

थाईलैंड और म्यांमार बन रहा है साइबर ठगों का नया ठिकाना

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कंबोडिया में सक्रिय रहे इन अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोहों ने धीरे-धीरे अपना ठिकाना म्यांमार और थाईलैंड में बना लिया है। ये गिरोह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के जरिये नौकरी चाहने वालों को अमेरिका, कनाडा, यूरोप या मध्य-पूर्व में ऊँची तनख्वाह वाली नौकरी का प्रलोभन देते हैं। इनके एजेंट भारत के विभिन्न शहरों और जिलों में घूमकर युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। जैसे ही कोई युवक विदेश में नौकरी के लिए तैयार होता है, गिरोह उसके लिए पासपोर्ट, फर्जी वीजा और यात्रा की व्यवस्था करता है। शुरुआत में पीड़ितों को लगता है कि उन्हें वास्तविक नौकरी मिली है, लेकिन विदेश पहुँचने के बाद उन्हें थाईलैंड या म्यांमार के फर्जी कॉल सेंटरों में ले जाया जाता है। वहां ‘प्रशिक्षण’ के नाम पर उन्हें बंदी बना लिया जाता है और जबरन कॉल सेंटर में काम करवाया जाता है।

डिजिटल अरेस्ट और डेटिंग ऐप के जरिए की जाती है ठगी

इन कॉल सेंटरों में पीड़ितों को तैयार स्क्रिप्ट के आधार पर धोखाधड़ी के गुर सिखाये जाते हैं। जैसे डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी देकर, लोन, निवेश या डेटिंग के नाम पर लोगों को ठगना। उनके द्वारा जुटायी गयी जानकारी और भरोसे का फायदा उठाकर गिरोह के सरगना पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते हैं। काम में असफल रहने पर ‘साइबर गुलामों’ को यातनाएँ दी जाती हैं। इनमें मारपीट, भूखा-प्यासा रखना और ‘लक्ष्य’ पूरा होने पर ही खाना देना जैसी क्रूरताएं आम हैं। कई युवाओं को महीनों तक इसी तरह बंधक बनाकर रखा जाता है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मानव तस्करी के जरिये साइबर गुलामी में फंसाए गए कई मामलों की जांच की जा रही है। विदेश मंत्रालय की मदद से म्यांमार से कई युवाओं को वापस भी लाया गया है, जबकि दो एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि विदेश में नौकरी का मौका मिलने पर उम्मीदवारों को भर्ती एजेंसी, वीजा और अन्य दस्तावेजों की गंभीरता से जांच करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित देश के दूतावास से संपर्क करना चाहिए। राज्य पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से भी युवाओं को इस जाल से सतर्क रहने की सलाह दे रही है।

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