

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम को खपाने के लिए एक नया और सुरक्षित तरीका ढूंढ निकाला है। हाल ही में पूर्वी कोलकाता के कांकुड़गाछी इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां साइबर जालसाजों ने ठगी के पैसों से एक नामी आभूषण दुकान से लगभग 50 लाख रुपये का सोना खरीद लिया। मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब पुलिस ने उस ज्वेलरी शॉप के बैंक अकाउंट का लेन-देन बंद (फ्रीज) कर दिया। इसके बाद दुकान मालिक ने फूलबागान थाने में शिकायत दर्ज कराकर अपना सोना वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
नकदी के बजाय सोने में बदला ठगी का रुपया
साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में यह बात सामने आई है कि शातिर अपराधी अब ठगी की बड़ी रकम को अपने पास नकद रखने के बजाय सोने में निवेश कर रहे हैं, ताकि पकड़े जाने का जोखिम कम हो सके। पुलिस ने जब कई साइबर ठगी के मामलों की कड़ियों को जोड़ा, तो पता चला कि अपराध से कमाई गई बड़ी रकम का इस्तेमाल कांकुड़गाछी स्थित इस नामी ज्वेलरी शोरूम में सोना खरीदने के लिए किया गया था।
आरटीजीएस के जरिए हुआ 50 लाख का भुगतान
घटना की शुरुआत बीते महीने हुई थी। आशीष शाह नाम का एक व्यक्ति कांकुड़गाछी के शोरूम में आया और उसने 104 ग्राम सोने के सिक्के, 234 ग्राम सोने के बिस्कुट (बार) और करीब 30 ग्राम सोने के कंगन पसंद किए। कुल 50 लाख रुपये का बिल चुकाने के लिए पार्थ देवेन्द्र रोट्टेल्लू नामक व्यक्ति के खाते से दुकान के अकाउंट में 'आरटीजीएस' के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया । इसके बाद, रोट्टेल्लू ने ईमेल भेजकर दुकान अधिकारियों से सोना आशीष शाह को सुपुर्द करने का अनुरोध किया। ज्वेलरी शॉप के कर्मचारियों ने दोनों के पहचान पत्रों की जांच की और संतुष्ट होने के बाद सोना ग्राहक को सौंप दिया।
अकाउंट फ्रीज होते ही उड़े दुकानदार के होश
सोना बेचने के कुछ दिनों बाद साइबर पुलिस ने ज्वेलरी शॉप का बैंक खाता बंद करा दिया। जब दुकान मालिकों ने पुलिस से संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि जिस पैसे से सोना खरीदा गया था, वह साइबर अपराध के जरिए ठगा गया था। एक तरफ से सोना चला गया और दूसरी तरफ बैंक अकाउंट फ्रीज होने से पैसे भी फंस गए, जिससे दुकान प्रबंधन मुश्किल में आ गया।
पुलिस ने दर्ज की FIR, सीसीटीवी खंगाल रही टीम
खुद को ठगा महसूस करने के बाद ज्वेलरी शॉप अधिकारियों ने पूर्व कोलकाता के फूलबागान थाने में आशीष शाह और पार्थ देवेन्द्र रोट्टेल्लू के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। दुकान प्रबंधन ने पुलिस से आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका सोना बरामद करने और दुकान का अकाउंट बहाल कराने की अपील की है। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि आशीष शाह और रोट्टेल्लू दोनों ने ही दुकान में फर्जी पहचान पत्र दिखाए थे। पुलिस फिलहाल शोरूम के सीसीटीवी की फुटेज को खंगालकर आरोपी आशीष शाह की पहचान करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर जिस बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उसके जरिए रोट्टेल्लू का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।