एयरपोर्ट पर 707 जीवित विदेशी कछुए जब्त

एयरपोर्ट पर 707 जीवित विदेशी कछुए जब्त
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क (कस्टम्स) के एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 707 जीवित विदेशी रेड-ईयर्ड स्लाइडर (Trachemys scripta elegans) प्रजाति के कछुओं को जब्त किया है। यह प्रजाति एक आक्रामक (इनवेसिव) विदेशी प्रजाति मानी जाती है, जिसके अनियंत्रित प्रसार से स्थानीय जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कस्टम्स के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6ई-1058 से कोलकाता पहुंचे एक भारतीय यात्री को ग्रीन चैनल पार करने के बाद संदेह के आधार पर रोका गया। एयर इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारियों ने उसके चेक-इन सामान की गहन जांच की। तलाशी के दौरान सामान में छिपाकर रखे गए 707 जीवित रेड-ईयर्ड स्लाइडर कछुए बरामद हुए। यात्री इनके आयात या अपने कब्जे के संबंध में कोई वैध लाइसेंस, परमिट अथवा अन्य कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

इसके बाद कस्टम्स अधिकारियों ने सभी कछुओं को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 तथा वन्य जीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी सम्मेलन (CITES) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ तो नहीं है।

कस्टम्स विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई हाल के दिनों में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पहले भी कोलकाता एयरपोर्ट पर कई मामलों में विदेशी जीवित वन्यजीवों, संरक्षित वन्यजीवों की खाल, फर तथा कैमन लेदर से बने प्रतिबंधित उत्पादों को जब्त किया जा चुका है। इसके अलावा संरक्षित प्रजातियों की भारत में अवैध तस्करी तथा भारत से बाहर भेजने के प्रयासों को भी विफल किया गया है। इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि कस्टम्स विभाग खुफिया सूचनाओं के आधार पर संगठित वन्यजीव अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है।

सीमा शुल्क (एयरपोर्ट एवं एसीसी), कोलकाता के प्रधान आयुक्त ने कहा कि भारत की जैव विविधता की रक्षा कस्टम्स विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि उन्नत यात्री प्रोफाइलिंग, खुफिया जानकारी, आधुनिक निगरानी प्रणाली तथा वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) सहित अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय के माध्यम से वन्यजीव तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि वन्यजीव तस्करी के प्रति विभाग की 'जीरो टॉलरेंस' नीति आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।

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