

कोलकाता : श्यामा प्रसाद पखवाड़ा के अवसर पर शनिवार को कलकत्ता विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पहली बार विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति से सीनेट हॉल के बाहर एक प्रकाशन संस्था ने पुस्तक स्टॉल लगाया।
यहां मुख्य रूप से श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और आरएसएस से संबंधित पुस्तकें बिक्री के लिए रखी गईं। महात्मा गांधी, मोहम्मद अली जिन्ना और नेताजी सुभाषचंद्र बोस पर आधारित कुछ पुस्तकें भी उपलब्ध थीं।
कार्यक्रम में राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने उल्लेख किया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 1934 से 1938 तक कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति (वाइस चांसलर) रहे थे, जिसने कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के इतिहास से भी जोड़ दिया।
प्रकाशन संस्था के प्रतिनिधि एवं आरएसएस के कोलकाता नगर संबंध प्रमुख हिमांशु माइती ने बताया कि इससे पहले उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में पुस्तक बिक्री की अनुमति कभी नहीं मिली थी। उन्होंने दावा किया कि सबसे अधिक मांग श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी की रही।
उनके अनुसार, 9 मई को नई सरकार बनने के बाद उनकी संस्था की पुस्तकों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और श्यामा प्रसाद से संबंधित पुस्तकों की मांग लगातार बढ़ रही है।