भीड़, देरी और परेशानी! बसों की कमी ने बढ़ायीं दैनिक यात्रियों की मुश्किलें

हावड़ा–सियालदह जैसे अन्य प्रमुख रूटों पर दिखा असर दैनिक यात्रियों ने बयां की अपनी परेशानी
भीड़, देरी और परेशानी! बसों की कमी ने बढ़ायीं दैनिक यात्रियों की मुश्किलें
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प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कब आएगी बस? बस स्टॉप पर खड़े हर यात्री के मन में यही सवाल उठ रहा था। 29 अप्रैल यानी आज बंगाल में दूसरे चरण का मतदान होना है। ऐसे में महानगर की बड़ी संख्या में बसों को चुनावी ड्यूटी में लगा दिया गया है। नतीजतन, आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करते देखा गया। स्थिति ऐसी है कि मतदान से एक दिन पहले यानी 28 अप्रैल को सड़कों पर बसें लगभग नदारद दिखीं। रोजाना बसों पर निर्भर रहने वाले यात्रियों के लिए यह हालात किसी चुनौती से कम नहीं थी। बस स्टॉप पर धीरे-धीरे यात्रियों की कतारें लंबी होती जा रही थीं, मगर बस दूर-दूर तक नहीं दिख रही थी। इस दौरान कुछ यात्रियों ने बताया कि वे आधे घंटे, तो कुछ ने बताया कि वे लगभग 1 घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई बस नहीं आयी है।

जो बसें आईं, उनमें पैर रखना भी था मुश्किल

देखा गया कि काफी देर तक खड़े रहने के बाद जब बस स्टॉप पर आई, तो स्थिति ऐसी थी कि उसमें पैर रखने तक की जगह नहीं थी। बसों में क्षमता से अधिक यात्री भरे हुए थे। हावड़ा से सियालदह और एस्प्लेनेड जैसे अन्य मुख्य रूटों की बसों में तो यात्रियों का चढ़ना तक मुश्किल था।

लोग ऐप कैब सर्विस का सहारा लेने को हुए मजबूर

बसें नहीं मिलने की वजह से मजबूरन लोग ऐप कैब सर्विस का सहारा लेते दिखे। कोई रैपिडो, तो कोई कैब बुक करके अपने गंतव्य की ओर रुख कर रहा था। यात्रियों के मुताबिक जहां 10 से 20 रुपये में रोजाना पहुंच जाते हैं, बस नहीं उपलब्ध होने की वजह से वहां पहुंचने के लिए 100 से 200 रु. खर्च करने पड़ रहे हैं।

क्या कहा दैनिक यात्रियों ने?

सेंट्रल एवेन्यू से सियालदह की ओर रोजाना यात्रा करने वाली राधिका अग्रवाल ने बताया कि वह लगभग 40 मिनट से सेंट्रल एवेन्यू में बस के लिए खड़ी हैं, मगर बस नहीं मिल रही है और जो बसें आ रही हैं उसमें चढ़ना मुश्किल है। हावड़ा की बस का इंतजार करते अनिल कुमार सिंह ने बताया कि लगभग आधे घंटे से खड़े हैं, मगर अभी तक बस नहीं मिली है। पिछले 3 से 4 दिनों से ऐसी स्थिति है। अभिनव पाल, जो जोड़ा गिरजा जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे उन्होंने बताया कि वह रोजाना इस रूट में जाते हैं, मगर इन दिनों बस की समस्या बहुत ज्यादा हो रही है।

कोलकाता से 4500 बसें ली गयीं

वोट के काम में वेस्ट बंगाल बस एंड मिनी बस ओनर्स ऐसोसिएशन के प्रदीप नारायण बोस ने बताया कि कोलकाता से लगभग 4500 बसों को चुनाव कार्य के लिए लिया गया है, जिससे बसों की किल्लत हो गयी है। जैसा कि हमने पहले ही बताया था कि इससे लोगों को समस्या होगी। उन्होंने बताया कि हालांकि दूसरे चरण के चुनाव में कोलकाता के साथ ही अन्य जिलों में भी गाड़ियों की मांग को देखते हुए उत्तर बंगाल व जिन जिलों में चुनाव संपन्न हो चुके हैं वहां से भी बसों को काम में लगाया है। मौजूदा समय में लगभग 15 हजार बसें चुनाव कार्य में लगे हैं। हमने चुनाव आयोग और परिवहन विभाग में पहले ही अपील की है कि अगली बार आयोग द्वारा इस ओर भी ध्यान दिया जाये कि बसों को लेकर लोगों को इतनी अधिक परेशानी ना हो इसके लिए पहले ही बसों की जरूरत का हिसाब दिया जाये।

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