‘सर, मेरा मोबाइल फोन खो गया है’: आम नागरिक बन आधी रात को थाने पहुंचे सीपी

शनिवार की देर रात बालीगंज और सर्वे पार्क थाने की घटना
फाइल फोटो
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कोलकाता : शनिवार की रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार बिना किसी पूर्व सूचना और सुरक्षा घेरे के आम नागरिक के रूप में बालीगंज थाने का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बालीगंज मोटर व्हीकल्स कार्यालय से काफी दूर अपनी गाड़ी खड़ी कर दी। पैदल चलते हुए वे थाने पहुंचे। वह सीधे थाने के सेरेस्ता में जाकर बैठ गए। उन्होंने सिर पर एक टोपी भी पहन रखी थी ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। उस समय वहां एक सब-इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और कुछ पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद थे। साधारण कपड़ों में आए व्यक्ति को पुलिस आयुक्त होने का किसी को अंदाजा नहीं था।

एक पुलिस अधिकारी ने उनसे पूछा, ‘क्या काम है?’ इस पर उन्होंने जवाब दिया, ‘सर, मेरा मोबाइल फोन खो गया है। उसकी डायरी दर्ज करानी है।’ ड्यूटी पर मौजूद एएसआई ने सहानुभूति के साथ पूछा कि मोबाइल कहां और कैसे खोया। जवाब देते समय ही ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर ने उन्हें पहचान लिया और तुरंत अन्य अधिकारी को बुलाया। थाने में पुलिस आयुक्त के आने की जानकारी मिलते ही बालीगंज थाने के ओसी शुभब्रत कर भी वहां पहुंचे।

पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि उनके साथ सभी ने अच्छा व्यवहार किया और उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा से काम किया है। उन्होंने सभी को भविष्य में भी इसी तरह बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।

रात साढ़े 12 बजे सर्वे पार्क थाने में पहुंचे

इसके बाद रात करीब सवा बारह बजे पुलिस आयुक्त सर्वे पार्क थाना क्षेत्र में एक शॉपिंग मॉल के पास गाड़ी खड़ी कर पैदल सर्वे पार्क थाने पहुंचे। थाने के सेरेस्ता में रखी लकड़ी की बेंच पर बैठ गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने उनसे आने का कारण पूछा। यहां भी उन्होंने कहा, ‘सर, मेरा मोबाइल फोन खो गया है।’ एक पुलिस अधिकारी ने उनसे पूछा कि मोबाइल कहां खोया। जिस स्थान का उल्लेख उन्होंने किया, उस पर अधिकारी ने बताया कि वह इलाका पाटुली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस पर पुलिस आयुक्त ने पूछा कि क्या सर्वे पार्क थाने में ही शिकायत दर्ज की जा सकती है। ड्यूटी अधिकारी ने शिकायत दर्ज करने के लिए मोबाइल का आईएमईआई नंबर मांगा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि उन्हें आईएमईआई नंबर याद नहीं है।इस पर अधिकारी ने कहा कि मोबाइल का बॉक्स उनके पास जरूर होगा और रविवार को बॉक्स लेकर आने पर शिकायत बेहतर तरीके से दर्ज की जा सकेगी। हालांकि सीपी ने रात में ही शिकायत दर्ज कराने की इच्छा जताई। इसके बाद ड्यूटी अधिकारी ने मोबाइल गुमशुदगी का फॉर्म उनकी ओर बढ़ाते हुए उसे भरने को कहा। तभी पुलिस आयुक्त ने कान ढकने वाली टोपी उतार दी। इसके बावजूद अधिकारी उन्हें पहचान नहीं सके। उन्होंने थाने के ओसी के बारे में पूछा। पुलिसकर्मियों को तब भी विश्वास नहीं हुआ कि स्वयं पुलिस आयुक्त सामान्य वेश में थाने पहुंचे हैं। पुलिस आयुक्त ने उन्हें तुरंत आश्वस्त किया और कहा कि सभी ने अच्छा व्यवहार किया है और मदद करने की ही कोशिश की। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उस समय थाने के ओसी मौजूद नहीं थे। पुलिस आयुक्त ने थाने में बैठकर ही ओसी प्रलय भट्टाचार्य से फोन पर बातचीत की और रात में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को भविष्य में और बेहतर ढंग से काम करने के लिए प्रेरित किया।

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